फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं खाएं, स्वयं को और अपने परिजनों को फ़ाइलेरिया से बचाएं : सिविल सर्जन

फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं खाएं, स्वयं को और अपने परिजनों को फ़ाइलेरिया से बचाएं : सिविल सर्जन

शिवहर।
बिहार के शिवहर  जिले  में 21 दिसम्बर से फाइलेरिया रोग के उन्मूलन हेतु कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी), मास्क और हाथों की साफ़-सफाई संबंधी नियमों का अनुपालन करते हुए समुदाय को फाइलेरियाया हाथीपांव रोग से बचाने के लिए तीन फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल तथा आईवरमेक्टिन के साथ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.) कार्यक्रमशुरू किया जा रहा है।इसी सम्बन्ध में, मीडिया की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करने हेतु जिला स्वास्थ्य समिति, सीफार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज द्वारा अन्य सहयोगी संस्थाओं यथा विश्व स्वास्थ्य संगठन, लेप्रा सोसाइटी, केयर और प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, मीडिया सहयोगियों के साथ आज एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।  उन्होंने सूचित किया कि जिले में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए 263 टीमों का गठन किया गया है और किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात कर दी गयी है। डॉ. flag ने यह भी कहा कि फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान में इस बात का विशेष ध्यान देना है कि जो लोग अभियान के दौरान घर पर नहीं हैं और दवा खाने से वंचित हो गए हैं, उनमें ऐसी भावना पैदा हो और उन्हें इस तरह जागरूक किया जाये कि वे घर वापस लौटने पर अपने गाँव की आशा के पास जाएँ औए अपने हिस्से की फ़ाइलेरिया रोधी अवश्य दवाएं खाएं।सीफार के राज्य कार्यक्रम समन्वयक रणविजय कुमार ने कहा कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया की भूमिका बहुत सशक्त माध्यम है क्योंकि समुदाय में प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता अत्यंत शीघ्रता से फैलती है। सभी ने कहा कि फाइलेरिया का पूर्ण रूप से उन्मूलन हो और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ भविष्य मिल सके । मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ त्रिलोकी शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। मीडिया कार्यशाला में  जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों सहित विभिन्न विकासात्मक संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित जिले के सभी सम्मानित पत्रकार बंधुओं ने सहभाग किया।