सपना अधूरा : चालीस वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका जननायक का नून नदी परियोजना का सपना।

मोरवा के लिए बाढ़ की समस्या बन गई स्थायी नियति,बाढ़ के समय मर जाते हैं आधे दर्जन से अधिक लोग। होती है करोड़ों की हानि मोरवा विधायक ने विधानसभा में उठाए सवाल ।

सपना अधूरा : चालीस वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका जननायक का नून नदी परियोजना का सपना।

चालीस वर्षों से अधिक बीत जाने के बावजूद जननायक कर्पुरी ठाकुर द्वारा शुरू किया गया नून नदी बांध परियोजना का सपना साकार नहीं हो सका। विदित हो कि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में मोरवा सहित तत्कालीन विधानसभा क्षेत्र के लाखों किसानों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर के द्वारा नून नदी बांध परियोजना शुरू की गई थी। जननायक करपुरी ठाकुर द्वारा शुरू की गई परियोजना उनके मुख्यमंत्री नहीं रहने के बावजूद भी गुनाई बसही पंचायत तक बन कर तैयार हुई। उसके बाद चकपहार, चाकसिकंदर, होते हुए कोठिया तक बांध नहीं बनाया जा सका। जिसके कारण इस बार की तरह हर साल नून नदी के तटबंध के ओवरफ्लो होने से संपूर्ण मोरवा विधानसभा क्षेत्र बाढ़ में डूब जाता है। बाढ़ में डूबने से दर्जनों लोगों की मौत हो जाती है। जबकि बाढ़ के पानी में डूब जाने से करोड़ों की फसल बर्बाद हो जाती है। फलस्वरूप राज्य सरकार को बाढ़ राहत के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। मोरबा विधायक रणविजय साहू के द्वारा बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस गंभीर मामले को उठाया गया। जिसके जवाब में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने बताया कि नून नदी के दोनों तट बंधों के किनारे सघन बस्ती होने के कारण बांध निर्माण में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। बाढ़ के समय में विभाग के द्वारा हर संभव बचाव का उपाय किया जाता है। जल संसाधन विभाग के बांध निर्माण परियोजना के तहत नदी के दोनों किनारों से पांच सौ फीट दूर से बांध बनाया जाता है। दोनों किनारे सघन बस्ती के कारण यह संभव नहीं होने से बांध बनाना मुश्किल हो रहा है। बावजूद समस्तीपुर जिला के बांध परियोजना अभियंताओं के द्वारा जांच का आदेश दिया गया है , बांध बनाने के लिए सकारात्मक  रिपोर्ट मिलने के बाद बांध बनाना संभव हो सकेगा। इसके बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायक के संकल्प को वापस लेने आग्रह किया गया। इसपर विधायक द्वारा हर साल बाढ़ के कारण आम जनों की मौत एवं एवं करोड़ों की हानि का हवाला देते हुए इस कार्य को शीघ्र पूरा करने का विशेष रूप से जोड़ देते हुए कार्य पूरा करने का आग्रह किया गया।