सिंघवाहिनी पंचायत की निवर्तमान मुखिया रितु जायसवाल और उनके पति अरुण कुमार विवादों में, बीडीओ ने किया प्राथमिकी

सिंघवाहिनी पंचायत की निवर्तमान मुखिया रितु जायसवाल और उनके पति अरुण कुमार विवादों में, बीडीओ ने किया प्राथमिकी

-- बीडीओ के आरोप को रितु ने किया सिरे से खारिज

सागर कुमार,,सीतामढ़ी सी टी ब्यूरो प्रमुख,,

सीतामढ़ी :- सिंघवाहिनी पंचायत की निवर्तमान मुखिया रितु जायसवाल और उनके पति अरुण कुमार विवादों में आ गए हैं। उन पर सोनबरसा के बीडीओ ने मारपीट एवं दो हजार रुपए छीनने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। साथ ही जायसवाल दंपती सहित 10 अन्य लोगों पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज कराया है।प्राथमिकी के बाद रितु जायसवाल ने बीडीओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरी घटनाक्रम को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है।अब जनता खुद इस मामले में न्याय करेगी। 8 दिसंबर को सिंहवाहिनी पंचायत में वोटिंग होनी है। इस बार आरजेडी नेता रितु जायसवाल सिंहवाहिनी पंचायत से मुखिया का चुनाव नहीं लड़ रही हैं। इस मर्तबा उनके पति अरुण कुमार चौधरी चुनावी मैदान में हैं।बताया जा रहा है कि इससे पहले अरुण कुमार ने सोनबरसा के ओम प्रकाश यादव के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत किए थे।उन्होंने कहा था यह पंचायत चुनाव को प्रभावित करेंगे इसलिए इनको यहां से हटाया जाए। रितु जायसवाल राष्ट्रीय जनता दल की राज्य स्तर की प्रवक्ता हैं। और विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। बहुत कम वोट से वह हार गई थीं। रितु ने सोशल मीडिया पर बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) का वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें वे मोबाइल से मुस्कुराते हुए भीड़ का वीडियो बना रहे हैं।जेडऔर लोग उनकी कार को आगे बढ़ाने के लिए रास्ता दे रहे हैं। वीडियो में रितु बोलती हुई दिख रही हैं। जान-बूझ कर सीन क्रिएट कर रहे हैं…आप जाइए बीडीओ साहब..आपको कोई नहीं रोक रहा है… बीडीओ साहब साजिश के तहत यहां आए हैं….ये झूठा केस करेंगे….. जनता सब देख रही है।उन्होंने आगे लिखा है यह वीडियो देखिए और आप ही तय कीजिए कि कहां इस व्यक्ति को मारा पीटा गया है। और कहां रुपए छीने गए हैं। इनके चेहरे की कुटिलता से भरी हंसी देखिए। सत्य और न्याय के रास्ते पर हमेशा चलते रहने की वजह से इन अधिकारियों और नेताओं की आंखों की किरकिरी बनी रहती हूं।

दर्ज प्राथमिकी में बीडीओ ने लगाए ये गंभीर आरोप :-

इस दौरान बीडीओ ने प्राथमिकी में कहा है की सोनबररसा में प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित हूं, और वर्तमान में बिहार सरकार चुनाव 2021 में निर्वाची पदाधिकारी सोनबरसा का दायित्व मुझे सौंपा गया है। इस दायित्व का निर्वाह करते हुए 2 दिसंबर को वाहन चेकिंग कर रहा था। तभी मुखिया पद के प्रत्याशी अरुण कुमार चौधरी ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। मेरा मोबाइल छीन लिया और कुछ ही देर में अपनी पत्नी रितु जायसवाल और 100-150 समर्थकों के साथ घेर लिया। प्राथमिकी में बीडीओ ने 10 अन्य लोगों का नाम भी दिया है। आरोप लगाया है कि अरुण कुमार चौधरी ने पॉकेट से दो हजार रुपए निकाल लिए और गालीगलौज की। समर्थकों ने हाथापाई भी की।

6 साल से एक ही जगह क्यों पदस्थापित हैं बीडीओ साहब :-

इस दौरान रितु जायसवाल ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा भी है। रितु ने कहा है मेरे पति को चुनाव हराने में बीडीओ ओम प्रकाश यादव लग गए हैं। उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद भी नहीं हटाया गया है। सत्ताधारी लोगों और जिला प्रशासन की पूरी रणनीति है। किसी न किसी तरह अरुण कुमार को चुनाव जीतने नहीं दो और वोटिंग से पहले गिरफ्तार कर लो। बीडीओ पर पहले भी गरीबों का राशन हड़पने का आरोप लग चुका है। इस बीडीओ में ऐसी कौन सी काबिलियत है कि छह साल से एक ही जगह पदस्थापित हैं।