सीतामढ़ी :- माता जानकी और प्रभु श्री राम के विवाह पर्व के पूर्व नेपान जनकपुर धाम में प्रशासन की चाकचौबंद व्यवस्था

सीतामढ़ी :- माता जानकी और प्रभु श्री राम के विवाह पर्व के पूर्व नेपान जनकपुर धाम में प्रशासन की चाकचौबंद व्यवस्था

सागर कुमार,, चम्पारण टुडे,,

ब्यूरो प्रभारी सीतामढ़ी,,

सीतामढ़ी :- परोसी देश नेपाल के जनकपुरधाम मे सीताराम विवाह पंचमी पर्व के अवसर पर बुधबार को श्रद्धालु भक्तो की जनसैलाब उमड़ पारी। इस अवसर पर रंगभूमि मैदान (बारहवीघा) में स्वयं सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

नेपाल और भारत के विभिन्न हिस्सों से भक्त विवाह समारोह में भाग लेने के लिए जनकपुरधाम पहुंचे हैं और हजारों भक्त स्वयंवर कार्यक्रम में भाग लेने के लिए खुद को प्रभु श्री राम और माता जानकी को समर्पित कर सहायता कार्यक्रम में जुट गए है। इस दौरान प्रभु श्री राम मंदिर और जानकी मंदिर से डोला निकाला गया। इस मौके पर नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई। सीता-राम विवाह कार्यक्रम आज रात संपन्न होगा।

शादी में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए जनकपुरधाम में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भीड़ में आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल सेना को भी तैनात किया गया है।

त्रेता युग में मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के दिन भगवान राम और सीता के विवाह की याद में आज विवाह पंचमी मनाई जा रही है। माता सीता और प्रभु श्री राम का विवाह मिथिला की राजधानी जनकपुरधाम में हुआ था। इसी आधार पर जानकी मंदिर में हर साल विवाह पंचमी मनाई जाती रही है।

धार्मिक ग्रंथ रामायण में उल्लेख है कि राम और सीता का विवाह मंसिर शुक्ल पंचमी को हुआ था। जब त्रेतायुग में मिथिला के राजा जनक ने अपनी बेटी सीता द्वारा स्वयंवर के लिए रखे शिवधनुष को अयोध्या के राजा दशरथ के सबसे बड़े पुत्र राम द्वारा तीन टुकड़ों में तोड़ दिया गया था।

जैसा कि रामायण में वर्णित है, जनकपुरधाम के अखाड़े में आयोजित स्वयंवर में 56 करोड़ देवी-देवता मौजूद थे। मिथिला के लोग, जो सीता को अपनी बेटी और बहन मानते हैं। प्रतिछाया जंती के आगमन से लेकर शादी तक उत्सव में खुशी के साथ भाग लेते हैं। यह मानते हुए कि देवी-देवताओं की भागीदारी अदृश्य है। भले ही यह शरीर न हो।

सांकेतिक( सीता राम का विवाह मिथिला में विवाह में संपन्न सभी रीति-रिवाजों को अपनाकर किया जाता है। पहले दिन नगर दर्शन, दूसरे दिन फूलबाड़ी लीला, तीसरे दिन धनुष यज्ञ, चौथे दिन तिलकोत्सव और पांचवें दिन, मटकोर पूरा हो गया है।)

बुधवार आज स्वयंवर और विवाह समारोह है।

राम मंदिर से, बजागजा और झाँकी के साथ एक विशेष रूप से बनाया गया डोला सिंहासन पर बिठाया जाता है। और ऐतिहासिक क्षेत्र में ले जाया जाता है। इसी प्रकार जानकी मंदिर से विशेष सुसज्जित डोले में मातासीता को अखाड़े में ले जाया गया।

 जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास वैष्णव के अनुसार, सीताराम को जानकी मंदिर में लाने और विवाह समारोह के पूरा होने के बाद मिथिला संस्कृति के अनुसार विवाह करने की प्रथा है।

हर पांच साल में लोग भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से आते हैं। इस साल कोई औपचारिक रैली नहीं होगी। हालांकि, इसवार 5 लाख से अधिक संत, साधु और भक्त आए।

प्रदेश नम्बर दो राज्य सरकार ने विवाह पंचमी के अवसर पर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश भी दिया है। जनकपुरधाम में मंगलवार से शिक्षण संस्थान बंद हैं। शुक्रवार से शिक्षण संस्थान खुल जाएंगे।

बिवाहा पंचमी में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जनकपुरधाम में कुल 2 हजार 7 सौ सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गाय असामाजिक तत्व :-

विवाह पंचमी मेले में धनुषा पुलिस ने 51 जेबकतरों को किया गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस कार्यालय धनुषा के अनुसार विवाहपंचामी के अवसर पर पहुंचे श्रद्धालु भक्तो को आर्थिक रूप से परेशान करने वाले 51 जेबकतरे को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में 24 पुरुष और 27 महिलाएं हैं, जिला पुलिस कार्यालय धनुषा के अनुसार। गिरफ्तार किए गए लोग हिरासत में हैं।
26 महिला जेबकतरों में से एक भारतीय थी, 13 पुरुष जेबकतरे थे और 11 भारतीय थे
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी।