नेपाल: अपने ही देश में घिरते जा रहे ,पी एम ओली

नेपाल: अपने ही देश में घिरते जा रहे ,पी एम ओली

सीतामढ़ी :- चंद विदेशी लाभ के वजह से भारत से नेपाल की बढ़ती दूरी मधेश में रहने वाले लोगों के बीच एक बड़ी परेशानी कि सबब बनती जा रही है। जिसके वजह से नेपाल के प्रधान मंत्री केपी ओली लोकप्रियता इन दिनों घटती जा रही है। अपने देश के जनता के बीच अब घिरते नजर आ रहे है।


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नेपाल के भिन्न भिन्न जगहों पर लोग एकत्रित होकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे है। नेपाल के अंदर लोगो द्वारा अपने पीम की चौतरफा फजीहत और घेराबंदी कराना शुरू कर दिया है।लोगो में ज्यादा नाराजगी इस बात से है कि जिस देश के साथ बेटी रोटी का संबंध दशकों से बना हुआ है।


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आज प्रधान मंत्री के बड़बोले के वजह से दोनों देश के आपसी रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच गया है। लोग भारत में मौजूद अपने रिश्तेदारों से मिल नहीं पा रहे है। जिसके वजह से नेपाल के अंदर लोग अपने सरकार के प्रति सड़क पर उतर कर अपनी अपनी विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। बताते चलें कि बीते दिन नेपाल के लहान स्थित व्यवसाई रमेश तमांग के साथ रामू दाई, सूरज साह, इलियास हुसैन ने प्रधान मंत्री केपी ओली को सनकी तानाशाह की संज्ञा दे डाली है। यहां के विद्यार्थियों की विभिन्न संगठनो ने अपने पीएम को नसीहत देते हुए कहा है कि नेपाल सरकार अगर अभी नहीं संभली तो नेपाल को चाइना का गुलाम बनने से कोई रोक नहीं सकता है।

बताया गया है कि चाइना कि नीति रही है। कम ब्याज पर कर्ज देना। और अपने दिए हुए कर्ज से अपने देश के अंदर से व्यापार करना और मोटी रकम वसूलना। इस नीति के वजह से न जाने कितने छोटे छोटे देश चिंदी चाइना के कर्ज तले दब कर रह गया है। ऐसा लग रहा है, कि आने वाले समय में शायद पीएम ओली के वजह से नेपाल की वहीं दुर्दशा होनी है। जिस तरह चाइना के बातो में आकर अन्य छोटे छोटे देश भुगत रहे है।  लहान बाजार से तकरीबन 35 किलो मीटर की दूरी पर स्थित नेपाल के वादियों में बड़ा एक खूबसूरत बाजार राज बिराज मौजूद है।


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यहां के तकरीबन 70 प्रतिशत लोगो की रस्टेदरी भारतीय क्षेत्र के विभिन्न जगहों में है। अपने देश के पीएम के बड़बोलेपन के वजह से स्थानीय लोग परेशान है। तथा खौफ जादा है, लोगो को यह डर सता रहा है कि प्रधान मंत्री अपने निजी विदेशी स्वार्थ के कारण  भारत - नेपाल के बीच दसको से चली आ रही पौराणिक मैत्री और सौहार्द की रिश्ते में कहीं दरार न डाल दें। जिस तरह आज भारत और पाकिस्तान के बीच बन चुके है। पीएम ओली की कार्य शैली पर सवाल खड़ा करते हुए स्थानीय व्यवसाई कक्कड़ दाई, विनोद साह, पिंकू लोहार, राजेश कुमार श्रेष्ठ सहित दर्जनों लोगों ने कहा कि जबसे चाईनीज मेम के चक्कर में पीएम ओली परे है। भारत और नेपाल की खुशहाल रिश्तों में दरार आना शुरू हो गया है।


नेपाल: अपने ही देश में घिरते जा रहे ,पी एम ओली

जनता ने अपने पीएम को चाइना से दूरी बनाने की नदिहद दे डाली है। जिससे देश सुरक्षित रहे। लोगो ने बताया कि जब से सीमा विवाद बढ़ा है देश के अंदर महंगाई चरम पर पहुंच गई है। जिसके वजह से नेपाल की जनता अंदर ही अंदर अपने सरकार के खिलाफ गोल बंद होने लगे है।  लोगो ने बताया कि ओली सरकार को आने के बाद सरकार के अन्य सरकारी मशीनरी में भ्रष्टाचार चरम सीमा को अब लांघता जा रहा है। 


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महंगाई के मुद्दे पर लोगो की आप बीती :- 

स्थानीय लोगों ने बताया कि एक तो लॉक डाउन, दूसरे में भारत - नेपाल की सीमा विवाद, तीसरे में दोनों सीमा सील, उसके साथ ही भारत के साथ नेपाल की उसकावे की राजनीति इन दिनों जनता पर चौतरफा चौगुनी आर्थिक दबाव बनाती जा रही है। लोगो ने बताया कि यहां हरी सब्जी में भिंडी 160/- परवल 140/- बोड़ी 120/- बैगन 130/- रूपए  प्रतिकिलो बिक रही है। वहीं खाद्य सामग्रियों में चावल 18 से 23 हजार रुपए क्विंटल, दाल प्रति कोली तीन साढ़े तीन सौ के पार तो आंटा 70 रूपए तो नमक डेढ़ सौक प्रति किलो की दर से बिक रही है। भारत से रिश्ते में आई खटास के वजह से स्थानीय व्यवसाई अवैध कमाई की मंसूबे पर अपनी व्यापार कर रहे है। गरीब और लाचार नागरिक परेशान और बेहाल बनता जा रहा है। लोगो ने भारत के प्रधान मंत्री को सधन्यवाद किया है कि इस परिस्थिति में भी भारत - नेपाल को जरूरत की सभी सामान नेपाल आने दे रहा है। जिस दिन भारत अपने बार्डर से नेपाल सामान भेजना बंद कर दिया उस वक्त नेपाल के अंदर क्या होगा। इस तरह की कार्यवाही को पूर्व में नेपाल की जनता देख चुकी है। 

स्थानीय लोगों पर भरोसा करे तो नेपाल और भारत की रिस्तो में कड़वाहट का बीज चाइना द्वारा बोया जा रहा है। नेपाल में एमआलेे और कौमनिस्ट की सरकार है। जिसे चाइना द्वारा तैयार किए गए प्रोपगेंडा के तहत दोनों पार्टी को एक प्लेटफार्म पर लाकर सत्ता हासिल कराने की एक गेम प्लान तैयार किया गय था। जिस स्थानीय जनता समझ न सकी। जो आज नेपाल के मधेशी समुदाय के बीच सर का दर्द बनता जा रहा है। चाइना द्वारा तैयार किए गए प्रोपगेंडा चाल में अब नेपाल फंसता जा रहा है।और जानत परेशान होता जा रहा है।