लॉक डाउन के लेखक डॉ संतोष अलेक्स का विशेष साक्षात्कार

Lockdown, Writer Santosh Patel

लॉक डाउन के लेखक डॉ संतोष अलेक्स का विशेष साक्षात्कार

कोरोना काल ने  वैश्विक त्रासदी को जन्म दिया है और मानव जीवन के लिए घोर संकट खड़े कर दिए हैं परन्तु मानव की जिजीविषा है कि वह इस वैश्विक संक्रमण से डट कर लड़ रहा है और कलमकार अपने कलम से। इस काल के भीषण त्रासदी को अपनी रचनाओं में देश-विदेश के साहित्यकारों ने दर्ज की है।
 केरल  के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ संतोष अलेक्स ने कुछ अंतरराष्ट्रीय और अपने देश के रचनाओं के  विभिन्न विधाओं को संकलित किया है और एक कृति का सम्पादन किया है जिसका नाम ही रखा है - लॉकडाउन।


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डॉ संतोष अलेक्स से इस बाबत बात किया युवा कवि सन्तोष पटेल ने। प्रस्तुतसाक्षात्कार का एक अंश- 


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1. इस विकट कोरोना-काल में इस किताब के सम्पादन का विचार कैसे आया?
संतोष अलेक्स- "कोरोना महामारी से लड़ना चाहता  था।सकारात्मक रूप अपनाना चाहता था, इसलिए एक अनोखी किताब की योजना बनाई,जिसमें कविता, डायरी और इंटरव्यू हों।"
2.आपने एक विद्या नहीं अपितु अनेक विद्याओं को एकीकार किया है यह परंपरा से इतर नहीं है?
संतोष अलेक्स- "इसमें मैं लीक से हटकर कुछ करना चाहता था।वरना अब तक कारोना पर कई कविता संग्रह निकल चुकी है,जो भीड़ में खो गईं। इसलिए तीन विद्याओं को जोड़ा।"
3. आप चाहते तो अंतरराष्ट्रीय कवियों-साहित्यकारों का ही एक संकलन सम्पादित कर सकते थे। उनके साथ देश के साहित्यकारों को भी समाहित करने के पीछे कोई विशेष विचार?
संतोष अलेक्स- "कोरोना सारे विश्व को अपने चपेट में लेली है। इसलिए इसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय लेखकों को जोड़ा।"


4. आप अपने रचना संसार के बारे में बताएं।
संतोष अलेक्स-"हिन्दी, अंग्रेजी एवं मलयालम में कुल मिलाकर  42 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।इसमें अनुवाद, कविता एवं आलोचना शामिल हैं।"
5. अनुवाद से जरिये कविताओं को उसी रूप में जीवंत रख पाते हैं जैसा का वह अपने मूल में रहता है?
संतोष अलेक्स-"कविताओं का अनुवाद बहुत ही कटिन  होता है। मैं मूल भाव को अनूदित भाषा में प्रस्तुत करने की कोशिश करता हूं।"


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6. कब तक यह संकलन प्रकाशित हो जाने की उम्मीद है?
संतोष अलेक्स- "अगस्त, 2020"
7. सुदूर केरल में बैठे कवि को भोजपुरी कविता की तासीर मिल जाती है कैसे?
संतोष अलेक्स-"भोजपुरी हिन्दी के निकट हैं।मुझे भोजपुरी कविता व सिनेमा पसंद हैं।"
8. इस बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय महत्व की पुस्तक लॉकडाउन के बारे में कुछ बतावें और यह भी बतावें यह क्यों पढा जाना चाहिए?
संतोष अलेक्स- "इस किताब में ग्यारह अंतरराष्ट्रीय लेखक व भारतीय लेखक शामिल हैं।"


लॉक डाउन के लेखक डॉ संतोष अलेक्स का विशेष साक्षात्कार

यह किताब इसलिए पढ़ा जाना चाहिए क्योंकि इसमें लेखकों का निजी अनुभव कविता,डायरी और। इंटरव्यू के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस प्रकार की एक किताब वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी में अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। इसमें शामिल प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रचनाकारों में अल्थियो रेमार्क (वेस्ट इंडीज़), कैर्री करेंन (अर्जेटीना), डस्टिन पिकरिंग (यूएसए), ली कुई  शीन ( ताइवान), कवि सचिदानंदन, यहां तक की मशहूर फ़नकार गुलज़ार समेत अनेकानेक कवि और रचनाकार हैं।


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