मुजफ्फरपुर : जिले की सभी एएनएम दिखेंगी ड्रेस में, माइक्रो प्लान के तहत करेंगी काम

सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी एएनएम अब ड्रेस में दिखेगी। इसके अलावा आरोग्य सत्र पर कार्य करने वाली एएनएम को अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा बनाए गए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य भी करना होगा। हाल में ही जिले को 484 नए एएनएम मिले हैं। इसके अलावा भी बहुतायत की संख्या में एएनएम जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात हैं। सिविल सर्जन कार्यालय से इस संबंध में विस्तृत निर्देश पत्र के द्वारा प्रभारी............

मुजफ्फरपुर : जिले की सभी एएनएम दिखेंगी ड्रेस में, माइक्रो प्लान के तहत करेंगी काम

सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र निर्गत कर किया गया सूचित, जिले को मिले हैं 484 नए एएनएम
 
मुजफ्फरपुर। 11 जनवरी
सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी एएनएम अब ड्रेस में दिखेगी। इसके अलावा आरोग्य सत्र पर कार्य करने वाली एएनएम को अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा बनाए गए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य भी करना होगा। हाल में ही जिले को 484 नए एएनएम मिले हैं। इसके अलावा भी बहुतायत की संख्या में एएनएम जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात हैं। सिविल सर्जन कार्यालय से इस संबंध में विस्तृत निर्देश पत्र के द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को भेजा जा चुका है। सप्ताह में दो दिन चलने वाले आरोग्य सत्र स्थल के समय निर्धारण का भी कड़ाई से अनुपालन किया जाना तय किया गया है। आरोग्य सत्र के लिए सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक का समय दिया गया है। पत्र में ब्लॉक हेल्थ मैनेजर का उत्तरदायित्व होगा कि वह आरोग्य दिवस के दिन उचित उपस्कर ( स्टेथोस्कोप, यूरिन किट डीप स्टीक, हीमोग्लोबीनोमीटर, वेट मशीन ओटो चाइल्ड, मेजरिंग टेप और डॉप्लर) को उपलब्ध कराएगें। वहीं इसकी नियमित समीक्षा भी करेंगे।

निम्न स्वास्थ्य उपलब्धि वाले पंचायतों पर रहेगी नजर:
 
पत्र के आलोक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने कहा कि निम्न स्वास्थ्य सूचकांक वाले क्षेत्रों में बढ़ोतरी के लिए एमओआइसी, बीएचएम, बीसीएम पांच -पांच पंचायतों का चयन कर बेहतर उपलब्धि देना सुनिश्चित करेंगे।
 
आरोग्य दिवस सत्रों पर हर प्रकार की सेवा सुनिश्चित हो:

डीपीएम रेहान अशरफ ने कहा कि आरोग्य दिवस सत्रों पर कम से कम 50 लाभार्थियों को लाना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी  अपने आशा फैसिलिटेटर  या आशा के माध्यम से इस संख्या को पूरा करेंगे। इसके अलावे आरोग्य केंद्र पर लक्षित लाभार्थियों में से प्रसव पूर्व जांच 12, प्रसव के बाद प्रसूता जांच 3, योग्य दंपत्ति के 3 लाभार्थी, 10 किशोरियों में आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट या एलवेंडाजोल का वितरण, संपूर्ण टीकाकरण के अंतर्गत 13 से 24 माह वाले  3 बच्चे, जन्म से लेकर नौ माह तक  के तीन बच्चे और 10 लोगों को ओपीडी की सेवा देनी सुनिश्चित करेंगे।