जर्जर सड़क के कारण जान जोखिम में डाल आते जाते है लोग, दुर्घटना की प्रबल संभावना

जर्जर सड़क के कारण जान जोखिम में डाल आते जाते है लोग, दुर्घटना की प्रबल संभावना

सागर कुमार सीतामढ़ी,,


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सीतामढ़ी :- जिले में बाढ़ के तीन  माह बीतने के बाद भी कई प्रखंड से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली आधा दर्जन से ज्यादा सड़को की हाल बेहाल है। जिसे लोगों को आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना कर रहे है ।इन सड़कों में बैरगनिया - सीतामढ़ी पथ के पटेल चूक से बैरहनिया नंदबरा रेलवे गुमटी पथ,  रीगा - मेजरगंज पथ के डायन छपरा चौक  से एनएच 77 को जोड़ने वाली व सहियारा बाजार से सीतामढ़ी जिला मुख्यालय एवं शाहपुर सितलपटी से अंतराष्ट्रीय नेपाल के मलंगवा बाजार को जोड़ने वाली ,अथवा रनौली चौक से दिघी,हरिवेला गांव को जोड़ने वाली सड़क सामिल है। जो पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। किस वक्त कौन सा वाहन इस रास्ते पर करवट ले ले कहना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है ।


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बताते चले की ये सभी सड़के सामरिक दृष्टि कोण काफी महत्वपूर्ण सड़के है ।इसके बावजूद इन सड़कों को अबतक मरम्मती का कार्य नही कराना सुशाशन की सरकार की सड़कों की सुदृढ़ीकरण करने की दावे की पोल खोलती है ।आये दिन इन सड़कों से बैरगनिया से सीतामढ़ी, वाया ढेंग, बभंगामा, रिगा  तथा मेजरगंज,रीगा,व नेपाल से लाखों लोगों की आवागमन करने का यह एक मात्र सड़क है ।इन सड़कों की जर्जरता व सड़को के बीच बाढ़ के पानी के बहाव के  कारण छोटी छोटी वाहन तो क्या अब पैदल चलना भी दुष्वार हो गया है ।बड़े वाहन चालकों को इन सड़कों से गुजरने में सदैव दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है ।

हल्की वारिस होने पर इन सड़कों पर यह पत्ता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गढ़ा है  या फिर गढ़ा में सड़क ।इन सड़को की जर्जरता के कारण इस मार्ग से चलने वाले वाहन चालक व राहगीर भी गुरेज करते है।हालांकि इन सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर विगत अगस्त माह में स्थानीय युवाओं ने सड़क जाम कर सांसद व विधायक के विरुद्ध जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया था ।जिसपर बथनाहा बीडीओ राजीव कुमार ने पहुचकर उक्त सड़क की मरम्मती का आश्वाशन दिया गया पर अबतक स्थिति जस की तस बनी हुई है ।स्थानीय लोगों की माने तो निर्माण के समय संवेदकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण में मनमानी की बात बतारहे थे ।


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जिसको लेकर लोगों विभागीय पदाधिकारीयो से जांच की मांग की गई थी। पर स्थानीय लोगों के विरोध भी पदाधिकारियों के सामने कोई मायने नही रख पाया।जिस कारण जर्जर सड़क पर विगत 7जुलाई को आई प्रलंयकारी बाढ़ भीषण बारिश ने सड़क नेस्तनाबूद कर दिया था ।सड़क स्थिति को देखते हुए ग्रामीण बैनाथ पासवान,नगीना पासवान,जगरनाथ राम,हितुसदा,चौथी सहनी, सहदेव सहनी, राजदेव सहनी, पारष नाथचौधरी,सुबोध मिश्र सहित दर्जनों लोगों में आजभी आक्रोश बरकरार देखी जा रही है ।जो कभी भी आंदोलन का रूप रेखा लेने से इंकार नही की जा सकती है ।


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