पूर्वी चम्पारण: गर्भवती महिला ने एनडीआरएफ रेस्क्यू बोट पर बच्ची को दिया जन्म

पूर्वी चम्पारण: गर्भवती महिला ने एनडीआरएफ रेस्क्यू बोट पर बच्ची को दिया जन्म

मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। जिला में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी नौवीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के रेस्क्यू बोट पर एक गर्भवती महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। इस सम्बंध में बताया जाता है की बाढ़ प्रभावित प्रखंड बंजरिया के गोबरी गांव निवासी मुन्नीलाल महतो की पत्नी रीमा देवी को प्रसव वेदना से परेशान थी।


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उनके परिवार के लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि संकट की इस घड़ी में जल्द से जल्द नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजारिया कैसे उन्हें पहुँचाया जाये। इसकी सूचना उस गाँव के नजदीक ऑपेरशन में जुटे एनडीआरएफ के कमाण्डर सहायक उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को मिली।


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उन्होंने अपने प्रभारी अधिकारी अरविन्द मिश्रा को सूचना दी तथा उनके निर्देश पर एनडीआरएफ के बचावकर्मी के साथ तुरन्त प्रसव पीड़ित महिला के घर के नजदीक रेस्क्यू बोट से पहुँचे। फिर एनडीआरएफ टीम गर्भवती महिला और उसके परिवार के सदस्यों के साथ आशा कार्यकर्ता को लेकर रेस्क्यू बोट से नजदीकी पीएससी बंजारिया सुरक्षित पहुँचाने में जुट गए। बूढ़ी गंडक नदी बाढ़ के मजधार में गर्भवती महिला का प्रसव वेदना और बढ़ गया।

महिला की गम्भीर हालत एवं उनके जान जोखिम को देखते हुए एनडीआरएफ रेस्क्यू बोट पर ही प्रसव कराने का फैसला लिया गया। आखिर में एनडीआरएफ के बचावकर्मी, आशा कार्यकर्ता तथा उनके परिवार के महिलाओं के सहयोग से सफल एवं सुरक्षित प्रसव करा लिया गया और इस प्रकार बाढ़ के बीच मजधार में एक नन्हीं बच्ची की किलकारी गूँजी। महिला और नवजात शिशु को भोला चौक रोड के नजदीक सुरक्षित लाकर सरकारी एम्बुलेन्स की मदद से पीएससी में भर्ती करवा दिया गया। महिला और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ्य हैं।


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अब तक दस प्रसव हो चुका है एनडीआरएफ के बोट पर, जिसमें एक जुड़वा है

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभवित इलाकों से सुरक्षित निकालने के क्रम में वर्ष 2013 से नौवीं बटालियन एनडीआरएफ के रेस्क्यू बोट पर यह दसवें शिशु जन्म की घटना है जिसमें एक जुड़वे बच्चे का जन्म भी शामिल है। उन्होंने आगे बताया कि हमारे बचावकर्मियों का उद्देश्य मुसीबत में फँसी गर्भवती महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से नजदीकी अस्पताल पहुँचाने का होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एनडीआरएफ के बचावकर्मी आपदा रेस्पांस के अन्य तकनीकों के साथ-साथ प्रथम चिकित्सा उपचारक में प्रशिक्षित होते हैं। उन्हें सुरक्षित प्रसव कराने के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाता है ताकि आपदा में जरूरतमंद को हर संभव मदद किया जा सके।


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बिहार में एनडीआरएफ 21टीमें कर रही काम

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए वर्तमान में एनडीआरएफ की 21 टीमें राज्य के 12 अलग-अलग जिलों में तैनात है। मोतिहारी जिला में अरविन्द मिश्रा, सहायक कमान्डेंट के नेतृत्व में 03 टीमें तैनात है। अब तक एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ प्रभावित गोपालगंज, सुपौल, दरभंगा, सारण, पूर्वी चम्पारण तथा पश्चिम चम्पारण जिलों में बाढ़-बचाव ऑपेरशन करके 5,300 से अधिक लोगों को जलमग्न गाँवों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।


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