नई दिल्ली के पटेल नगर में प्राइवेट स्कूल कर रहे हैं इस तरह से अपनी मनमानी

नई दिल्ली के पटेल नगर में प्राइवेट स्कूल कर रहे हैं इस तरह से अपनी मनमानी
पटेल नगर के प्राइवेट स्कूल कर रहे हैं अपनी मनमानी अभिभावकों को एमआरपी रेट पर ही दे रहे हैं स्कूल से किताबें एवं कॉपीया इस लॉकडाउन के दौरान सभी वर्ग के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं ऐसे में पटेल नगर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा गरीब व असहाय लोगों को स्कूल अपनी मनमानी से किताबों व कॉपी ऊपर लिखे एमआरपी पर ही बच्चों को किताबें प्रोवाइड करवाई जा रही है ।
 
अगर प्राइवेट स्कूल किसी गरीब व्यक्ति की फीस माफ नहीं कर सकती तो कम से कम इस तरह से पैसे वसूल ना करें स्कूल प्रशासन जब एक साथ मार्केट से बुक्स उठाते हैं स्कूल के बच्चों के लिए तब स्कूल प्रशासन को बहुत ही कम रेट में वह किताबें मिल जाती है यह सभी लोग जानते हैं ऐसे में स्कूल प्रशासन इस कोरोनावायरस जैसी महामारी के चलते अभिभावकों से पैसा वसूल कर रहे हैं कृपया दिल्ली के उपमुख्यमंत्री  मनीष सिसोदिया से यही विनती है कि इस तरह के स्कूलों में हो रही मनमानी को लेकर कुछ सख्त से सख्त कदम उठाकर गरीब लोगों की सहायता करें.
 
जैसा कि इस लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के सभी स्कूल कॉलेज फैक्ट्री ऑफिस मॉल दुकाने इत्यादि बंद होने के कारण सभी लोग परेशान चल रहे हैं ऐसे में कई लोगों को एक वक्त का खाना तक नसीब नहीं हो रहा है फिर भी जैसे तैसे लोग अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी परेशान चल रहे हैं ऑनलाइन पढ़ाई के चलते खुद बच्चों को पढ़ाते हैं और जिस घर में अगर माता-पिता ही अनपढ़ हो तो वह व्यक्ति किस तरह से अपने बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवा सकेगा ऐसे में स्कूल प्रशासन को कुछ इस तरह के बच्चों को सहूलियत देनी चाहिए की अगर उनकी तीन चार महीनों की लॉकडाउन के दौरान जो फीस बनती है उसको पूरा ना लेने की जगह फिस में कुछ छूट दी जाए लेकिन ऐसा ना करते हुए प्राइवेट स्कूल प्रशासन अपनी मनमानी कर रहे हैं लॉक डाउन की पूरी फीस भी वसूल कर रहे हैं और साथ ही जो बच्चों को किताबी दी जा रही है वह अपनी मर्जी से जो एमआरपी रेट है वही वसूले जा रहे हैं और जो बच्चों को किताबें दी जा रही है उन किताबों के एमआरपी वसूलने के बाद भी पक्की रसीद नहीं दी जाती रही-                                               
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कोई भी प्राइवेट स्कूल कोरोना संकट और लॉक डाउन के इस दौर में स्कूल फीस नहीं बढ़ाएगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई स्कूल 3 महीने की फीस एक साथ मांगता है या फीस वृद्धि करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
मनीष सिसोदिया ने कहा यह आदेश सभी प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा, फिर चाहे वह स्कूल सरकारी जमीन पर बना हो या फिर गैर सरकारी सरकारी सरकारी जमीन पर बना हो। उपमुख्यमंत्री ने सभी प्राइवेट स्कूलों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा किसी भी छात्र का नाम ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा न कर पाए, हो तो ऐसे छात्रों को भी ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली में शामिल रखा जाए। यदि किसी भी प्राइवेट स्कूल ने अपने किसी भी छात्र को ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली से बाहर किया तो उसके खिलाफ भी दिल्ली सरकार कार्रवाई करेंगी
 
दिल्ली सरकार ने एक महीने की ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क न वसूलने के आदेश दिए हैं। साथ ही सरकारी आदेश में ट्रांसपोर्ट चार्जेस भी न वसूलने के आदेश दिए गए हैं। छात्रों के साथ ही दिल्ली सरकार ने विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य स्टाफ को भी राहत प्रदान की है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मनीष सिसोदिया ने कहा सभी प्राइवेट स्कूल अपने शिक्षकों और स्टाफ को समय पर वेतन देते रहे। जिन स्कूलों के पास फंड की कमी है वह स्कूल अपनी पेरेंट कंपनियों से पैसे लेकर स्टाफ को समय पर वेतन देने की व्यवस्था करें।