रामगढ़वा : 100 रुपयें प्रति परिवारों की दर से पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुदान मद की राशि का खर्च करेंगे वाडं सदस्य

रामगढ़वा : 100 रुपयें प्रति परिवारों की दर से पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुदान मद की राशि का खर्च करेंगे वाडं सदस्य

एम० कुमार, रामगढ़वा ।


यह भी पढ़े : एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल ने पीएम केयर फण्ड में दिया दो लाख का दान


आम सूचना का लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार ग्राम पंचायातों द्बारा आम सूचना का प्रचार लगातार तीन दिनों तक चलेगा


रामगढ़वा । कोरोना महामारी संकट के बीच बिहार सरकार पंचायती राज्य विभाग के आदेशानुसार ने पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि के खर्च करने का जिम्मेवारी वार्ड सदस्यों को सोमवार को मंजूरी दे दी गई हैं।जिसके लिए सरकार ने प्रखंड बीडीओ के नाम एक पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से सरकार ने कोरोना संकट में वार्ड सदस्य को अपने वार्ड के प्रत्येक परिवारों को अधिकतम 20 रुपये की लागत का साबुन व 4 मास्क देने को कहा है।प्रत्येक मास्क की कीमत 20 रुपये से अधिक की कीमत की नहीं होनी चाहिए।इस प्रकार से इन दोनों सामग्रियों के लिए अधिकतम 100 रुपये प्रति परिवार की दर से खर्च करना है ।तत्पश्चात वाडं सदस्यों को वितरण पंजी तैयार कर साबुन और मास्क का वितरण वार्ड सदस्य को करना हैं।
वही इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर को बढ़ाने के लिए मास्क की खरीदारी जीविका दीदीयों से किया जाए।अगर जीविका के पास मास्क आवश्यक मात्रा में उपलब्ध नहीं है तो ग्राम पंचायतें स्थानीय स्तर पर खादी कपड़ों से तैयार किया जाए।
राज्य सरकार के इस निर्णय कि जानकारी सबको मिले इसको लेकर आम सूचना का लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार ग्राम पंचायातों में लगातार तीन दिनों तक कराने की बात भी कही है।
उक्त बातें की जानकारी प्रखंड बीडीओ राकेश कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि बिहार सरकार पंचायती राज्य विभाग आदेशानुसार पत्र जारी किया गया हैं जिसमें लाउडस्पीकर से प्रचार कर ग्रामीण लोगों को जागरूक कर वाडं सदस्यों द्बारा एक सौ रूपयें प्रति परिवार की दर से राज्य वित्त आयोग के अनुदान मद की राशि से हर परिवार को 20 रू की लागत का साबुन एवं चार मास्क उपलब्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी वाडं से मास्क व साबुन का वितरण नही किए ग्रामीणों द्बारा सिकायते मिलने पर कानूनी कार्रवाई किया जायेगा।


यह भी पढ़े : बेरोजगारी एवं भूख से तड़प रहे श्रमिकों के विरुद्ध शोषणकारी आदेश जारी करना अति-दुखद