रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क चीफ एडिटर अरनव की गिरफ्तारी का मामला, मुंबई पुलिस पर मारपीट का आरोप, गिरफ्तारी की हो रही निंदा

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क  चीफ एडिटर अरनव की गिरफ्तारी का मामला, मुंबई पुलिस पर मारपीट का आरोप, गिरफ्तारी  की हो रही निंदा
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क  चीफ एडिटर अरनव की गिरफ्तारी का मामला, मुंबई पुलिस पर मारपीट का आरोप, गिरफ्तारी  की हो रही निंदा

अर्नब की गिरफ्तारी के पीछे का मामला
अर्नब की गिरफ्तारी के पीछे का मामला बताया जा रहा है कि दरअसल मुंबई के एक 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक ने अपने सुसाइड नोट में तीन लोगों का नाम दिया था। 5 मई 2018 को नाइक और उसकी मां ने खुद की जिंदगी खत्म कर ली थी। वहीं जिन तीन लोगों का नाम सुसाइड नोट में था, उनमें अर्नब गोस्वामी का नाम भी शामिल था। इसके अलावा फिरोज शेख और नीतीश सारडा का नाम था।


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सुसाइड नोट के मुताबिक तीनों ने नाइक को अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए अपने पेशेवर डिजाइनर के रूप में कमीशन दिया था। लेकिन उन्हें लगभग 5.40 करोड़ रुपये की कुल राशि का भुगतान नहीं किया गया। जिसके बाद 2018 में नाइक ने अपने अलीबाग फार्महाउस पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके अलावा 83 वर्षीय उनकी मां कुमुद भी मृत पाई गईं थी।


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मुंबई पुलिस पर मारपीट का आरोप
पुलिस ने अर्नब को उनके घर से हिरासत में लिया है। गोस्वामी ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया। रिपब्लिक टीवी ने अर्नब के घर के लाइव फुटेज भी दिखाए हैं जिसमें पुलिस और अर्नब के बीच झड़प होती दिख रही है। अर्नब ने मुंबई पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने सास-ससुर, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की। मुंबई पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें परिवार से बात करने से रोका गया।

गिरफ्तारी  की हो रही निंदा
अर्नब गोस्वामी को मुंंबई पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गोस्वामी समेत दो अन्य लोगों पर 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र सरकार भारतीय जनता पार्टी और विपक्षियों के निशाने पर आ गई है। बीजेपी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने इस कार्रवाई की तुलना साल 1975 में तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी और उस दौरान पत्रकारों के खिलाफ हुई एकतरफा कार्रवाई से की है।


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एक ओर जहां शिवसेना के सांसद संजय राउत इसे बदले की कार्रवाई के दावों को गलत बता रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी समेत कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को प्रेस और पत्रकारिता का दमन बताया है। गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि यह प्रेस और पत्रकारिता का दमन है। उन्होंने ट्वीट किया,' मुंबई में प्रेस-पत्रकारिता पर जो हमला हुआ है वह निंदनीय है। यह इमरजेंसी की तरह ही महाराष्ट्र सरकार की कार्यवाही है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं।


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भारत नेपाल के पत्रकारों के संगठन मीडिया फॉर बॉर्डर हारमोनी परिवार ने भी गिरफ्तारी की निंदा की है। वरीय पत्रकार अमरेंद्र तिवारी ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है। समाज की आवाज है। इसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जितनी निंदा की जाए कम है। वही मिडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के जिला संयोजक नवेन्दु कुमार सहित अन्य सदस्यों राजू सिंह, प्रिंस कुमार, अभिमन्यु कुमार के साथ साथ सभी सदस्यों ने इसकी घोर निंदा की है।


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