सीतामढ़ी :- घूस लेते परिहार बीईओ गिरफ्तार, हजारों की रिश्वत लेते निगरानी टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

सीतामढ़ी :- घूस लेते परिहार बीईओ गिरफ्तार,  हजारों की रिश्वत लेते निगरानी टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

सागर कुमार, चम्पारण टुडे, सीतामढ़ी (ब्यूरो)

सीतामढ़ी :- जिले के परिहार प्रखंड के बीईओ किशोरी प्रसाद राय को सोमवार को 50 हजार रिश्वत लेते निगरानी विभाग ने गिरफ्तार किया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते उनके कार्यालय कक्ष में ही उनको दबोच लिया। इसके बाद निगरानी की टीम फौरन उनको वहां से लेकर निकल गई। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, एक शिक्षक अरुण कुमार की पोस्टिंग के लिए 50 हजार रुपये घुस लेने की मांग किया था। जिसकी जानकारी शिक्षक द्वारा पहले ही विभाग एस शिकायत की थी। जिसके सत्यापन के बाद जाल बिछाकर घूसखोर बाईओ को दबोच लिया गया। निगरानी डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बीईओ प्राथमिक विद्यालय चांदी राजवाड़ा में पोस्टिंग के एवज में घूस मांग रहे थे। बीईओ को उनके ऑफिस में ही घुस की रकम के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। बीईओ की गिरफ्तारी से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। निगरानी की टीम बीईओ को अपनी गिरफ्त में लेकर पटना के लिए निकल गई।

जानकारी के मुताबिक शिक्षक अरुण कुमार का प्राथमिक विद्यालय डाम्ही में नियोजन हुआ था। विभाग ने वर्ष 2013 में उनका प्रति नियोजन प्राथमिक विद्यालय चांदी राजवाड़ा में कर दिया। तब से लेकर वे उसी विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे थे। वर्ष 2022 में कुछ दिन पूर्व ही किशोरी प्रसाद राय ने उनको अपने मूल विद्यालय में भेज दिया। प्राथमिक विद्यालय चांदी राजवाड़ा में एचएम रहते अरुण कुमार शौचालय निर्माण का कार्य करा रहे थे। अरुण कुमार ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से आग्रह किया कि शौचालय का कार्य पूर्ण होने तक उन्हें चांदी राजवाड़ा में ही रहने दिया जाए। इसी की एवज में बीईओ द्वारा उनसे पचास हजार की रिश्वत की मांग की गई थी। अरुण ने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में कर दी। निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया और उसके बाद जाल बिछाकर बीईओ को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले भी तीन चढ़ चुके हैं निगरानी के हत्थे

परिहार - परिहार प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी में सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जैसे ही बीईओ किशोरी प्रसाद राय को दबोचा हड़कंप मच गया। लेकिन निगरानी की कार्रवाई का प्रखंड में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2009 में बेला थानाध्यक्ष प्रेम शंकर सिंह को निगरानी ने दबोचा था। प्रखंड में निगरानी की कार्रवाई का यह सबसे पहला मामला था। फिर वर्ष 2014 में एक मुखिया भी निगरानी के हत्थे चढ़े थे। उन पर किसी शिक्षिका से रिश्वत लेने का आरोप था। वर्ष 2016 में परिहार थाना में पदस्थापित अवर निरीक्षक वकील प्रसाद भी निगरानी के हत्थे चढ़े थे। बीईओ की गिरफ्तारी निगरानी की चौथी कार्रवाई है। गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है।