सीतामढ़ी :- रेलवे कैटरिंग संचालक अरुल कुमार सिंह की अज्ञात अपराधियों ने किया चाकू घोप निर्मम हत्या, पुलिस जुटी जांच में

सीतामढ़ी :- रेलवे कैटरिंग संचालक अरुल कुमार सिंह की अज्ञात अपराधियों ने किया चाकू घोप निर्मम हत्या, पुलिस जुटी जांच में

सागर कुमार, चम्पारण टुडे, सीतामढ़ी (ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- स्थानीय रेलवे स्टेशन पर मौजूद कैंटिंग संचालक कैंट्रर अरुण कुमार सिंह को अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से प्रहार कर निर्मम तरीके से हत्या कर दिया गया है। ज्ञात हो अहले सुबह स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों ने बताया कि उक्त कैंटिग से दो युवक को मुंह पर मास्क लगाकर निकलते देखा गया। लेकिन किसी ने इस अनहोनी को जान नही पर और मौके फायदा उठा कर दोनो स्टेशन से निकलते हुए बारे आराम से चलते चले गए।



बतादें घटना स्थान से महज आठ से दस डेंग की दूरी पर रेलवे सुरक्षा बल की कार्यालय है, यही नहीं घटना स्थल से महज 25 से 30 मीटर की दूरी पर राजकीय रेल पुलिस की पोस्ट है, याही नही इस स्टेशन के प्लेटफार्म पर आरपीएफ और जीआरपी की आधे दर्जन से ज्यादा सुरक्षा बल लगातार ड्यूटी करते है, यही नहीं सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुरक्षा के मद्दे नजर कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे है। बाबजूद एक रेल केंटिंग संचालक की हत्या होना रेलवे की सभी सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल खड़ा कर रहा है।

हत्यारा इतना शातिर निकाला की उक्त केंटिंग में एक खाना बनाने वाली महिला को मारपीट तथा धमाका का उसके मोबाईल भी छीन लिया। किस वजह से अपराधी अपने घटना को अंजाम देकर निकल चले।

मृतक की पहचान शिवहर जिले के पिपराही थाना क्षेत्र स्थित धनकौल गांव निवासी अरुण कुमार सिंह के रूप में किया गया है। जो वर्तमान में स्टेशन से सटे उत्तर कमला गार्डन के निकट एक भारे की मकान रहते थे। लगभग 43 वर्षो से स्टेशन पर कैंटीन चलाते थे। उनसे पूर्व भी इस कैंटीन का संचालन उनके अपना सहोदर चाचा रामदास प्रसाद सिंह के द्वारा किया जाता था। मृतक अरुण सिंह को अपने संतान से पटता नही था। किसी कारण बस बच्चो से अनबन चल रहा था। कारण पिछले छह माह से वे स्टेशन पर ही कैंटीन में रात दिन रहते थे। इनके एक भी पुत्र नही था, मात्र तीन पुत्री है, जबकि इनकी पत्नी की वर्ष पूर्व लम्बी बीमारी के वजह से इस दुनिया से चल बसी है।

कैंटर्र अरुण कुमार के हत्या के बाद अब लोगो में तरह तरह की कयास लगाए जा रहे है की आखिर कर उनका हत्या कराया किसने या की किया किसने। लोगो के बीच इसका दो कारण सामने आने लगे है, पहला की केंटिंग पर पुस्तैनी एकाधिकार तब हो समाप्त होगी जब उसका संचालक के रूप में मौजूद व्यक्ति मारेंगे, या दूसरा कोई वारिस नही होने से पुस्तैनी संपति को लेकर। इस तरह की बातो से इंकार नहीं किया जा सकता है।



कैंट्रर अरुण कुमार सिंह की हत्या की जांच रेलवे तथा जिला प्रशासन की टीम कराने ने जुट गई है। अब पुलिसिया छानबीन में ही मामला साफ हो सकता है। फिलहाल पुलिस अपने कार्रवाई में जुट गई है। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है। तथा स्वान स्कवायर्ड के सहारे पुलिस अपराधियों को पहचान करने में जुट गई है। फिलहाल शव का पंचनामा बना कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


क्या कहते है अधिकारी :-
मामले को लेकर पूछे जाने पर राजकीय रेल थानाध्यक्ष के साथ आरपीएफ कमांडर अनीता कुमारी ने बताया कि मामला अब जांच की बनती है। जिसे प्रशानिक स्टार पर शुरू भी किया जा चुका है। जल्द ही मामला की उध्वेदन हो जाएगी।