घोड़ासहन में खाद गोदाम पर छापेमारी से मचा हड़कंप, तस्करी की शिकायत पर कार्रवाई, चैंबर ने उठाए तरीके पर सवाल
चम्पारण टुडे /पूर्वी चम्पारण। घोड़ासहन प्रखंड के टिकुल माई स्थित एक खाद गोदाम पर प्रशासनिक टीम द्वारा शुक्रवार रात्रि करीब 9 बजे की गई छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई खाद से जुड़ी संभावित तस्करी की शिकायतों के आधार पर की गई बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खाद से सम्बंधित सामग्री को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने गोदाम में उपलब्ध खाद के........
चम्पारण टुडे /पूर्वी चम्पारण।
घोड़ासहन प्रखंड के टिकुल माई स्थित एक खाद गोदाम पर प्रशासनिक टीम द्वारा शुक्रवार रात्रि करीब 9 बजे की गई छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई खाद से जुड़ी संभावित तस्करी की शिकायतों के आधार पर की गई बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खाद से सम्बंधित सामग्री को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने गोदाम में उपलब्ध खाद के स्टॉक, वितरण रजिस्टर और लाइसेंस से संबंधित कागजातों की बारीकी से जांच की। खास तौर पर इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि जिस संस्था से गोदाम संचालक ने लाइसेंस प्राप्त किया है, उसी संस्था का खाद वहां रखा और वितरित किया जा रहा था या फिर किसी अन्य संस्था का खाद भी गोदाम में मौजूद था। इस पहलू को जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। उक्त खाद गोदाम घोड़ासहन उत्तरी के मुखिया संजीव जायसवाल की बताई जा रही है।
हालांकि, छापेमारी के दौरान किसी प्रकार की जबरदस्ती, तोड़फोड़ या अनुचित तरीके अपनाने के आरोपों से अधिकारियों ने साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और शांतिपूर्ण ढंग से की गई। दूसरी ओर, इस कार्रवाई को लेकर घोड़ासहन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नाराजगी जताई है। चैंबर के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन को व्यापारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि छापेमारी के दौरान आवश्यक पूर्व सूचना और संवाद का अभाव रहा, जिससे स्थानीय व्यापारियों में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी।
चैंबर ने यह भी मांग की है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए, ताकि यदि कोई अनियमितता या तस्करी में संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। फिलहाल, प्रशासन द्वारा जब्त किए गए सामग्री को जाँच के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है। वही जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय लोगों और व्यापारिक समुदाय की नजर अब इस मामले के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।
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