नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव 2025 संपन्न, भारत-नेपाल सीमा पर कभी बैरियर नहीं बनेगा : प्रदीप यादव
नेपाल के वीरगंज में मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के बैनर तले नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन हुआ, जिसमें भारत और नेपाल के सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेपाल के खाने-पानी मंत्री प्रदीप यादव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर कभी बैरियर नहीं बनेगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने और अटूट हैं। उन्होंने पत्रकारों से रिश्तों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। नेपाल के विधि मंत्री अजय कुमार चौरसिया ने कहा कि भारत-नेपाल का खुला बॉर्डर दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल है। वक्ताओं ने जोर दिया कि मीडिया सीमा पार भाईचारे, सद्भाव और विकास की संभावनाओं को उजागर कर रिश्तों को और गहरा कर सकता है। कार्यक्रम में भारत और नेपाल के कई वरिष्ठ पत्रकार, सांसद और सामाजिक-राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। अध्यक्षता अनिल तिवारी ने की, धन्यवाद ज्ञापन अमरेंद्र तिवारी ने दिया और संचालन रितेश त्रिपाठी ने किया।
चम्पारण टुडे /नेपाल।
वीरगंज (नेपाल)। नेपाल की आर्थिक राजधानी वीरगंज में भारत-नेपाल पत्रकार संगठन “मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी” के बैनर तले नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव-2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और नेपाल के सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लिया। भारत से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों के वरिष्ठ पत्रकार पहुंचे, वहीं नेपाल के विभिन्न प्रांतों से भी बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेपाल सरकार के खाने-पानी मंत्री प्रदीप यादव ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि वैवाहिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी गहराई से जुड़ा है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच ‘रोटी-बेटी का संबंध’ कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा – “बार-बार मांग उठने के बावजूद भारत-नेपाल सीमा पर कभी बैरियर नहीं बनेगा। दोनों देशों के बीच खुला बॉर्डर हमारे आपसी विश्वास और भाईचारे का प्रतीक है।”
प्रदीप यादव ने पत्रकारों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सीमा पार रिश्तों को मजबूत करने और आपसी सहयोग को बढ़ाने में मीडिया की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि भारत सरकार के मंत्री भी भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रमों में शामिल हों, ताकि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग और अधिक प्रगाढ़ हो सके।
नेपाल सरकार के विधि मंत्री अजय कुमार चौरसिया ने कहा – “भारत और नेपाल के बीच बेटी-रोटी का अटूट संबंध है, जिसे कोई तोड़ नहीं सकता। दोनों देशों के बीच खुला बॉर्डर पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल है। विश्व में ऐसा संबंध केवल भारत और नेपाल के बीच ही देखने को मिलता है।”
कॉन्क्लेव में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मीडिया सीमा पार भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं और संभावनाओं को रचनात्मक पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाने से भारत-नेपाल रिश्तों को और गहराई मिलेगी।
इस अवसर पर स्थानीय सांसद श्याम पटेल, राष्ट्रीय समाचार समिति नेपाल सरकार के अध्यक्ष धर्मेंद्र झा, दूरदर्शन पटना के वरिष्ठ पत्रकार विवेक चंद, टाइम्स ऑफ इंडिया (नैनीताल) की पत्रकार सोनाली मिश्र, अमर उजाला (देहरादून) के पत्रकार करण जी, प्रेस काउंसिल नेपाल की सदस्य रिंकू झा, नेपाल के पूर्व राजदूत विजयकांत कर्ण, प्रतीक दैनिक के संपादक जगदीश शर्मा, पत्रकार महासंघ नेपाल के अध्यक्ष अशोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ हस्तियों ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी नेपाल के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने की। विषय प्रवेश और धन्यवाद ज्ञापन संगठन के संस्थापक अमरेंद्र तिवारी ने किया, जबकि मंच संचालन राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार रितेश त्रिपाठी ने किया।
इस कॉन्क्लेव ने भारत-नेपाल के बीच मीडिया सहयोग और जन-जन के रिश्तों को और मजबूती देने का संकल्प लिया।
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