ट्रेन में किन्नरों द्वारा वसूली: वैध या अवैध?
चम्पारण टुडे /नई दिल्ली भारतीय रेल में सफर करते वक्त अक्सर यात्रियों को किन्नरों द्वारा पैसे की मांग करते देखा जाता है। कभी आशीर्वाद के नाम पर, तो कभी दबाव बनाकर यात्रियों से वसूली की जाती है। सवाल उठता है — क्या ट्रेन ......
चम्पारण टुडे /नई दिल्ली
भारतीय रेल में सफर करते वक्त अक्सर यात्रियों को किन्नरों द्वारा पैसे की मांग करते देखा जाता है। कभी आशीर्वाद के नाम पर, तो कभी दबाव बनाकर यात्रियों से वसूली की जाती है। सवाल उठता है — क्या ट्रेन में किन्नरों की यह वसूली वैध है या अवैध?
रेलवे नियमों के मुताबिक, किसी भी यात्री या व्यक्ति को बिना अनुमति ट्रेन के डिब्बे में घूमकर वसूली करना अवैध है। रेलवे अधिनियम 1989 के तहत ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आता है, और दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल तक हो सकती है।
रेलवे पुलिस (RPF और GRP) के अनुसार, कई बार किन्नरों द्वारा जबरन पैसे वसूलने की शिकायतें मिलती हैं, खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों और स्लीपर कोचों में। यदि कोई यात्री असहज महसूस करता है या जबरदस्ती वसूली का शिकार होता है, तो वह तुरंत 139 हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी जीआरपी पोस्ट पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
हालांकि, कुछ राज्यों में पंजीकृत किन्नर समुदाय के सदस्य सामाजिक कार्यों के लिए ट्रेनों में अनुमति प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ट्रेन में घूमकर जबरन पैसा मांगने की कोई वैध अनुमति नहीं है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की जबरन वसूली का विरोध करें और मामले की सूचना तुरंत रेल प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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