सीतामढ़ी : सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने दिखाया बड़ा दिल, एक साल का वेतन 15 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान

चम्पारण टुडे /सीतामढ़ी।  सीतामढ़ी, बिहार: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश और शोक की लहर है। इस हमले में निर्दोष नागरिकों की जान गई, जिससे देशवासियों का दिल दहल उठा। इस कठिन समय में, सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। उन्होंने अपने एक ........

May 10, 2025 - 13:44
Updated: 12 months ago
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सीतामढ़ी : सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने दिखाया बड़ा दिल, एक साल का वेतन 15 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान

चम्पारण टुडे /सीतामढ़ी। 
सीतामढ़ी, बिहार: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश और शोक की लहर है। इस हमले में निर्दोष नागरिकों की जान गई, जिससे देशवासियों का दिल दहल उठा। इस कठिन समय में, सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। उन्होंने अपने एक वर्ष के वेतन, यानी 15 लाख रुपये, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दान करने का निर्णय लिया है, जिससे भारतीय सैनिकों के कल्याण में सहायता मिल सके। 

सांसद ठाकुर का बयान :
सांसद ठाकुर ने कहा, "पहलवान हमले में हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से हमारी सेना ने आतंकियों को करारा जवाब दिया है। इस समय, हमें अपनी सेना के साथ खड़ा होना चाहिए और उनके साहस और बलिदान को सम्मान देना चाहिए।"

महिला सैनिकों की सराहना :
सांसद ठाकुर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में प्रमुख भूमिका निभाने वाली महिला सैनिकों, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह, की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "इन वीरांगनाओं ने नारी शक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी बहादुरी और नेतृत्व ने पूरे देश को गर्वित किया है।"

समर्थन और सराहना :
सांसद ठाकुर के इस कदम की विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सराहना की है। जदयू नेता विमल शुक्ला, भाजपा नेता देवेंद्र साह, महासचिव आदित्य मिश्रा, अरुण गोप और कामिनी पटेल समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उनकी पहल की प्रशंसा की और इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का यह योगदान न केवल सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि जब देश पर संकट आता है, तो हमारे नेता एकजुट होकर राष्ट्रहित में कदम उठाते हैं। उनकी यह पहल निश्चित रूप से अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को प्रेरित करेगी कि वे भी देश की सेवा में आगे आएं और अपने-अपने स्तर पर योगदान दें।

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