सीतामढ़ी :- गर्मी की छुट्टियों में बच्चे मस्ती के साथ करेंगे पढ़ाई लगेगा समर कैंप
-- स्वयंसेवक कराएंगे कमाल की पढ़ाई।
-- गणित में कमजोर बच्चों होंगे शामिल
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- गर्मी की छुट्टियों में निजी स्कूलों के बच्चों की तरह सरकारी स्कूलों के बच्चे भी गर्मी की छुट्टियों में समर कैम्प का मजा ले पायेंगे। गर्मी छुट्टियों का सदुपयोग करने के लिए बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने समर कैंप लगाने का फैसला लिया है। इस कैंप का आयोजन प्रथम एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया जाएगा। इसके तहत गर्मी की छुट्टी के दौरान बच्चों को डेढ़ घंटे तक खेल खेल में स्वयंसेवकों द्वारा पढ़ाया जायेगा। सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि कक्षा 5 - 6 तक की शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार के लिए समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि निदेशालय के निर्देशानुसार इसके लिए जिले में लगभग एक हजार वॉलिंटियर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है,जो बच्चों को खेल खेल में पढ़ाएंगे और उनके गणितीय स्तर मे सुधार करेंगे।
प्रथम संस्था के जिला समन्वयक प्रिजेंद्र कुमार ने बताया कि कक्षा 5 एवं 6 में अध्ययनरत वैसे छात्र-छात्राएँ, जो सरल गणित करने की दक्षता में अपेक्षाकृत रूप से कमजोर हैं, उनके लिए प्रथम संस्था के सहयोग से गणितीय समर कैम्प का आयोजन ग्रीष्मावकाश के दौरान किया जायेगा । यह समर कैम्प गाँव/टोला स्तर पर 21 मई से 20 जून तक आयोजित किया जाएगा। समर कैम्प के संचालन के लिए स्वयंसेवको के रूप में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षु, बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम में नामांकित छात्र-छात्राएँ, एन०सी०सी० कैडेट, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज के स्वयं सेवक, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएँ, जीविका की दीदियों द्वारा प्रेरित युवक-युवतियाँ, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य, प्रथम संस्था एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, समाज के अन्य शिक्षित युवाओं का चयन किया जायेगा।
चिन्हित स्वयंसेवकों को प्रथम संस्था द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षित स्वयंसेवक असर टूल के माध्यम से बच्चों का चयन कर, चिन्हित बच्चों के साथ प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे तक गणित विषयक विशेष शिक्षण प्रदान करेंगे।
प्रत्येक कैम्प में 10 से 15 छात्र-छात्राएँ शामिल हो सकेंगे। यह कैम्प पूर्णतः समुदाय स्तर पर संचालित किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि कोई भी बच्चा कहीं भी किसी भी कैंप में जा सकता है। अगर कोई बच्चा छुट्टी के दौरान अपने रिश्तेदारों के यहां गया हुआ है और वहां समर कैंप लगा है तो वह वहां भी पढ़ाई कर सकता है। वॉलिंटियर अपने हिसाब से जगह का चयन करेंगे यह उन पर छोड़ दिया गया है।
इस समर कैंप में बच्चों को खेल भी कराया जाएगा और डेढ़ घंटे तक पढ़ाई करवाई जाएगी। एक वॉलिंटियर पर अधिकतम 15 बच्चों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस कैंप से बच्चों की भाषा और गणित पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, इससे बच्चे आगे के क्लास में सही हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि हम लोग इसका चयन कर रहे हैं कि कौन सा बच्चा गणित में कमजोर है। समर कैंप के लिए कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं की गई है। वॉलिंटियर अपनी स्वेच्छा से फ्री में समर कैंप में सेवा देंगे। स्वयंसेवकों को वीडियो के माध्यम से डिजिटल जानकारी प्रथम संस्था की ओर से दी जाएगी। कैम्प में काम करने वाले स्वयंसेवक को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
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