घोड़ासहन : नियमों की धज्जियाँ उड़ाते स्कूल, बच्चों की जान से खिलवाड़

चम्पारण टुडे /घोड़ासहन /पूर्वी चम्पारण। घोड़ासहन विद्या नगर यानि गाँधी नगर, जहाँ कई बड़े व छोटे स्कूल है। घोड़ासहन का नामी स्कूल भी इसी एरिया में है। इसलिए लोग इसे शिक्षा नगरी या विद्या नगरी के नाम से भी सम्बोधित करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी नाम कमाने वाला यह स्थान कई डीएम तो कई एसपी भी बनायें हैं। लेकिन आज कल नियम सिखलाने वाले ये स्कूल नियमो की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहें हैं। बिहार में प्रतिबंध.......

May 16, 2025 - 10:47
May 16, 2025 - 13:01
 0  109
घोड़ासहन : नियमों की धज्जियाँ उड़ाते स्कूल, बच्चों की जान से खिलवाड़
काल्पनिक

चम्पारण टुडे /घोड़ासहन /पूर्वी चम्पारण।
घोड़ासहन विद्या नगर यानि गाँधी नगर, जहाँ कई बड़े व छोटे स्कूल है। घोड़ासहन का नामी स्कूल भी इसी एरिया में है। इसलिए लोग इसे शिक्षा नगरी या विद्या नगरी के नाम से भी सम्बोधित करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी नाम कमाने वाला यह स्थान कई डीएम तो कई एसपी भी बनायें हैं। लेकिन आज कल नियम सिखलाने वाले ये स्कूल नियमो की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहें हैं। बिहार में प्रतिबंध के बावजूद स्कूली बच्चों को ढोने के लिए धड़ल्ले से तीन पहिया वाहनों का प्रयोग हो रहा है और इस पर प्रशासन भी खामोश है। 

विदित हो कि बिहार सरकार द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑटो और ई-रिक्शा जैसे तीन पहिया वाहनों से बच्चों को लाने-ले जाने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद राज्य के कई जिलों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, स्कूल संचालक नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बच्चों को ऑटो और ई-रिक्शा में बैठा कर स्कूल ला रहे हैं। इन तीन पहिया वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चे ठूंसे जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा बना रहता है। कई मामलों में ये वाहन न तो फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त होते हैं और न ही इनके चालकों के पास आवश्यक प्रशिक्षण होता है। बड़ी चिंता की बात यह है कि यह सब प्रशासन की नज़रों के सामने हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग पूरी तरह मौन है। न तो स्कूल संचालकों पर कार्रवाई हो रही है और न ही इन वाहनों की नियमित जांच की जा रही है।

क्या कहता है नियम :
बिहार परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से तीन पहिया ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना था। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर वाहन जब्ती, जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

प्रतिबंध का कारण :
सरकार ने पाया कि ऑटो और ई-रिक्शा में बच्चों की अधिक संख्या में ढुलाई, सुरक्षा उपकरणों की कमी और चालक की अयोग्यता के कारण बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए, परिवहन विभाग ने इन वाहनों के माध्यम से स्कूली बच्चों के परिवहन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। सरकार सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपेक्षा करती है ताकि बच्चों का स्कूल आना-जाना सुरक्षित और सुगम हो सके।

उल्लंघन पर कार्रवाई :
यदि कोई स्कूल या चालक इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती, लाइसेंस रद्द करना और जुर्माना शामिल है। राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और जिला परिवहन अधिकारियों को इस आदेश के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 वैकल्पिक व्यवस्था :
सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बच्चों के परिवहन के लिए मान्यता प्राप्त और सुरक्षित वाहनों का उपयोग करें, जैसे कि फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त स्कूल बसें। इसके अलावा, माता-पिता से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केवल सुरक्षित और अनुमोदित परिवहन साधनों का ही चयन करें। 

फिर भी क्यों जारी है यह लापरवाही :
सूत्रों की मानें तो कुछ स्कूल प्रशासन खुद अपने वाहनों का खर्च बचाने के लिए निजी तीन पहिया चालकों से सांठगांठ कर बच्चों को लाने-ले जाने का काम करवाते हैं। वहीँ अभिभावकों को भी इस खतरे का अंदाजा नहीं है, या वे विकल्प की कमी के कारण मजबूरी में सहमत हो जाते हैं।

अब क्या चाहिए :
* जिला प्रशासन को तत्काल ऐसे स्कूलों की जांच करनी चाहिए।
* परिवहन विभाग को सघन चेकिंग अभियान चलाना चाहिए।
* अभिभावकों को जागरूक किया जाना चाहिए कि वे अपने बच्चों के लिए सुरक्षित और नियमों के अनुरूप ही परिवहन साधन चुनें।

अगर समय रहते इस पर सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना कभी भी घट सकती है और इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन और जिला अधिकारियों की होगी।

(रिपोर्ट: चंपारण टुडे ब्यूरो)

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0