घोड़ासहन : भारत नेपाल सीमा से शुरू होगी ‘राष्ट्रीय चेतना यात्रा’, पूर्वी चंपारण के 42 प्रतिभागी होंगे शामिल
सिकरहना /पूर्वी चम्पारण। देश की भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों से युवाओं को जोड़ने तथा “अपनी माटी अपना देश” की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से इस वर्ष राष्ट्रीय चेतना यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 31 मई को भारत-नेपाल सीमा स्थित पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन-झरोखर बॉर्डर से प्रारंभ होकर भारत-पाकिस्तान के अ......
सिकरहना /पूर्वी चम्पारण।
देश की भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों से युवाओं को जोड़ने तथा “अपनी माटी अपना देश” की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से इस वर्ष राष्ट्रीय चेतना यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 31 मई को भारत-नेपाल सीमा स्थित पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन-झरोखर बॉर्डर से प्रारंभ होकर भारत-पाकिस्तान के अटारी बॉर्डर पर जाकर समाप्त होगी।
इस यात्रा में पूर्वी चंपारण जिले से कुल 42 प्रतिभागी, जिनमें बच्चे, शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हैं, भाग लेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों के तहत झरोखर बॉर्डर घोड़ासहन में स्वराज फाउंडेशन की टीम और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण टीम का नेतृत्व कार्यक्रम प्रभारी ई. संदीप जायसवाल और प्रसून प्रवीण ने किया। उनके साथ प्रबंधक अनवर अली, एसएसबी के वरीय अधिकारी, पतंजलि के धर्मेंद्र विद्रोही और मीडिया प्रभारी प्यारे जी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम प्रभारी ई. संदीप जायसवाल ने बताया कि 31 मई की सुबह 6 बजे दीप प्रज्ज्वलन और प्रतिभागियों को तिरंगा प्रदान कर यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद यात्रा ढाका होते हुए विराट रामायण मंदिर कैथवलिया, केसरिया बौद्ध स्तूप और गांधी संग्रहालय मोतिहारी पहुंचेगी। मोतिहारी में जिले के वरिष्ठ अधिकारी यात्रा को आगे के गंतव्य के लिए रवाना करेंगे।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा युवाओं को देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे नई पीढ़ी में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जा सके।
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