समस्तीपुर : शहर में ट्रांसफॉर्मर संकट, बिजली नहीं, जुगाड़ से चल रही व्यवस्था – माले का आरोप

रामजी कुमार। समस्तीपुर।  जब शहर के सभी ट्रांसफार्मर जुगाड़ से चल रहे हैं, तो निर्बाध बिजली की उम्मीद कैसे की जा सकती है! – यह सवाल उठाया है भाकपा (माले) के जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने। बिजली संकट को लेकर माले टीम ने समस्तीपुर शहर के 27 ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण कर जो तस्वीर सामने......

Jul 26, 2025 - 19:54
Jul 26, 2025 - 19:55
 0  6
समस्तीपुर : शहर में ट्रांसफॉर्मर संकट, बिजली नहीं, जुगाड़ से चल रही व्यवस्था – माले का आरोप

रामजी कुमार। समस्तीपुर। 
जब शहर के सभी ट्रांसफार्मर जुगाड़ से चल रहे हैं, तो निर्बाध बिजली की उम्मीद कैसे की जा सकती है! – यह सवाल उठाया है भाकपा (माले) के जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने। बिजली संकट को लेकर माले टीम ने समस्तीपुर शहर के 27 ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण कर जो तस्वीर सामने रखी, वह चौंकाने वाली है – एक भी ट्रांसफार्मर पूरी तरह दुरुस्त नहीं।
तीन दिवसीय इस सर्वेक्षण में सुरेंद्र प्रसाद सिंह के साथ माले नेता मो. सगीर और मनोज कुमार सिंह शामिल थे। उन्होंने बताया कि अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, कई स्थानों पर उपकरण धुंआ छोड़ते दिखे और एसपी आवास समेत कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर झाड़ियों और लत्तीदार पौधों से घिरे मिले। एवी स्विच, अर्थिंग, पैनल, एमसीबी, बुश रॉड – हर स्तर पर भारी खामियां पाई गईं।

बुनियादी ढांचा चरमराया, बिल वसूली तेज़:

माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली व्यवस्था निजी कंपनी के हवाले करने के बावजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार की बजाय स्मार्ट मीटर और बिल वसूली पर ज़ोर दिया गया। परिणामतः बिजली मौजूद होते हुए भी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रही है। एक मिस्त्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सेंट्रल स्टोर में जरूरी विद्युत सामग्री तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में मरम्मत कार्य भी मुश्किल है।
10-15 घंटे तक बिजली नहीं:
भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित है। माले नेताओं का आरोप है कि फोन करने पर अधिकारी, कॉल सेंटर या कर्मी रिस्पॉन्स तक नहीं देते।

आंदोलन की तैयारी:
माले ने मांग की है कि:
सभी जर्जर व नंगे तार बदले जाएं।  जल चुके ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के अंदर बदला जाए। 
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की जगह अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएं
बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती पर रोक लगे। जनता की शिकायतों पर ध्यान न देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। प्रीपेड मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए। जल्द ही विद्युत सुधार संघर्ष मोर्चा की बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0