सीतामढ़ी :- बापू शहादत दिवस पर गांधीजनों का सर्वधर्म समभाव पर परिचर्चा
-- सर्वधर्म समभाव बिगडने से देश कमजोर होगा।
-- सत्य की तलवार तथा अहिंसा के ढाल से सर्वधर्म समभाव मजबूत होगा।
-- बापू की हत्या का कारण बहुधर्मी राष्ट्रनिर्माण का देशव्यापीअभियान था।
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- गांधी जी की संस्था जिला सर्वोदय मंडल के तत्वावधान में गांधी मैदान सीतामढी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 78वें शहादत दिवस को 'सर्वधर्म समभाव' दिवस के रूप में मनाया गया।बापू के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्पांजलिअर्पित कर सर्वधर्म प्रार्थना के साथ परिचर्चा प्रारंभ हुआ। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नन्दकिशोर मंडल तथा संचालन मंत्री राम प्रमोद मिश्र ने की।
विषय प्रवेश में सर्वोदय मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री डा.आनंद किशोर ने कहा कि आज देश में गांधी की हत्यारी जमात मुस्लिम,ईसाई तथा अन्य जमातों पर हमला कर सर्वधर्म समभाव को बिगाडकर देश को कमजोर करने में लगी हुई है। गांधी जी के बारे में देश का बंटवारा तथा अन्य झूठी अफवाहे फैलाई जा रही है। 78 वर्ष के बापू की हत्या का 8 बार का प्रयास 1934 से शुरू होकर 14 वर्ष बाद 1948 में पूरा हुआ। 1947 से पूर्व की हत्या के प्रयास के समय न पाकिस्तान बनने की बात थी नही पैसा भेजने का सवाल था फिर हत्या के प्रयास क्यों हुए इसका जबाब कौन देगा?
स्पष्ट है कि बापू ने आजादी के संघर्ष में पूरे देश की गोलबंदी कर बहुधर्मी राष्ट्र निर्माण, अस्पृश्यता,जातिवाद, छुआछूत के खिलाफ बगावत तथा दलितों तथा कमजोर वर्गों को राष्ट्रीयआन्दोलन से जोडा वही हत्या का मुख्य कारण था।
देश को विभाजित करने वाली शक्तियां आज पुन:सक्रिय है तथा संविधान के खिलाफ आचरण कर रही है।बापू के सत्य की तलवार तथाअहिंसा के ढाल से उनका मुकाबला करना होगा।
बापू भारत हीं नहीं विश्व की विरासत हैं :-
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बापू के जन्मदिन को विश्वअहिंसा दिवस के रूप में मनाने,जी-20 के राष्ट्रनायकों,ओबामा ,ट्रंफ तथा पुतिन द्वारा बापू समाधि पर श्रद्धांजलि तथा नमन करने तथा यू एन ओ ने गांधी विरोधियों के हिडेन ऐजेन्डे को दुनिया में वेनकाब कर दिया है।
परिचर्चा में शिक्षाविद,किसान,ट्रेड यूनियन लीडर,छात्र तथा युवा शामिल थे। वरिष्ठ साहित्यकार विमल कुमार परिमल ने कहा बापू विश्वव्यापक हैं तथा दुनिया को उनके सत्य, अहिंसा की जरूरत है।
शिक्षक नेता विजय कुमार शुक्ला ने कहा बिगडते सद्भाव के माहौल में बापू हीं हमारे मार्गदर्शक हैं।नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार ने बापू को महामानव तथा विश्वबंधु बताया।पेंशनर समाज के अध्यक्ष राम एकबाल साह ने कहा कि बारूद के ढेर पर खडी दुनिया को गांधी हीं बंचा सकतें हैं। पूर्व प्राचार्य ब्रजमोहन मंडल ने कहा मनरेगा से बापू का नाम हटाना शर्मनाक कृत्य है।मोर्चा अध्यक्ष जलंधर यदुबंशी ने कहा कि हमे गोडसेवादी गांधीवादियों को पहचानना होगा। मोर्चा नेता चन्द्रदेव मंडल,मो.मुर्तुजा, मो.अबरार, अमरेन्द्र राय,अशोक निराला, मो.गयासुद्दीन,अबधेश यादब, अश्विनि कुमार मिश्र,श्याम बिहारी पंडित,डा.नवल किशोर प्रसाद यादव,रामसुरेश तिवारी, मो.नुरैन, अरूणेन्द्र प्रसाद, नागेन्द्र राय,अशोक कुमार सिंह,डा.नवल किशोर प्रसाद यादव, मो.अली अकबर,आप नेता भिखारी शर्मा,उपेन्द्र आर्य, मो.इरशाद ने बापू को श्रद्धांजलिअर्पित करअपना विचार व्यक्त किया तथा सर्व धर्म समभाव के मजबूती का संकल्प व्यक्त किया।
परिचरअंत में सर्वसम्मति से साबरमती आश्रम तथा सर्व सेवासंघ वाराणसी को अखिल भारत सर्वोदय मंडल को वापस करने तथा मनरेगा को पूर्ववत लागूकरने की केन्द्र सरकार से मांग की गई ।
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