बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने से किसानों और सहकारिता क्षेत्र में खुशी की लहर

चम्पारण टुडे डेस्क /पूर्वी चम्पारण /बिहार मोतिहारी। बिहार सरकार द्वारा कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू किए जाने के निर्णय का व्यापक स्वागत किया जा रहा है। इस फैसले से किसानों, सहकारी संस्थाओं तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। योजना को बिहार में लागू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत लोगों ने इसे किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

Jun 10, 2026 - 13:02
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बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने से किसानों और सहकारिता क्षेत्र में खुशी की लहर

चम्पारण टुडे डेस्क /पूर्वी चम्पारण /बिहार
मोतिहारी। बिहार सरकार द्वारा कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू किए जाने के निर्णय का व्यापक स्वागत किया जा रहा है। इस फैसले से किसानों, सहकारी संस्थाओं तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। योजना को बिहार में लागू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत लोगों ने इसे किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

इसी क्रम में दी मोतिहारी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिहार सरकार तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने से राज्य के लाखों किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य कृषि जोखिमों से सुरक्षा मिलेगी। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी। अरुण कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना के लागू होने से सहकारी बैंकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। किसानों की फसल क्षति की स्थिति में बीमा राशि मिलने से ऋण अदायगी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे बैंकों का एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) कम होगा। इससे सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को भविष्य में ऋण उपलब्ध कराने में भी आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बिहार में लागू कराने के लिए अनेक स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए। इस संदर्भ में पूर्व सहकारिता मंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के योगदान को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। सिंह ने कहा कि किसानों के हित में इस योजना को लागू कराने के लिए लगातार आवाज उठाई जाती रही और अंततः सरकार ने सकारात्मक निर्णय लेकर किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।

प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके सात माह के कार्यकारी अध्यक्ष तथा चार माह के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान सहकारिता क्षेत्र और बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके आग्रह पर तत्कालीन वित्त मंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी मोतिहारी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के लिए 100 करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज की स्वीकृति देने का निर्देश दिया था। इस प्रस्ताव को नाबार्ड के माध्यम से वित्त मंत्रालय को भेजा गया था, जो अभी लंबित है।

अरुण कुमार सिंह ने बैंक के वर्तमान प्रबंधन एवं अध्यक्ष से मांग की है कि किसानों और बैंक के हित को देखते हुए 100 करोड़ रुपये के लंबित रिवाइवल पैकेज को जल्द से जल्द स्वीकृत एवं आवंटित कराने के लिए आवश्यक पहल की जाए। उनका कहना है कि इस राशि के मिलने से बैंक की वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित रिवाइवल पैकेज की स्वीकृति से बिहार का कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा तथा किसानों की आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित होगी।

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