होमीयो पैथ चिकित्सकों नेअपने अपने घरों में मनाई हैनीमैन की जयंती
मोतिहारी । अशोक वर्मा /नरेंद्र झा।
होम्योपैथ के जनक डॉक्टर सैमुएल हैनिमैन की 265 वी जयंती विश्व होम्योपैथिक दिवस के रुप मे मनाई गई।उक्त अवसर पर अपने श्री कमल कांत श्रीवास्तव एवम कुमार दिव्यम के साथ डॉ हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पण करने के बाद जिले के वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक प्रोफेसर डॉ0 राजेश श्रीवास्तव ने दूरभाष पर बताया कि इस बार कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉक डाउन के कारण सामुहिक तथा बडे पैमाने पर आयोजन नहीं हो पा रहा है, लेकिन सभी डॉक्टर्स अपने -अपने घरों पर जयंती बड़े ही श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाकर होम्योपैथ के जनक डॉ हैनिमैन को याद कर रहे हैं ।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर हनीमैंन ने मानव जाति के लिए बहुत सी दवा निकाली जो आज धीरे-धीरे पूरे विश्व में मान्य हुआ है।होम्योपैथ प्रणाली अपने गुण एवं लाभ देने के कारण दिनोदिन प्रसिद्ध होती जा रही है ।जैसे-जैसे दुनिया के लोग अन्य दवाओं के साइड इफेक्ट से परेशान हो रहे है उनका झुकाव होम्योपैथ की ओर होता जा रहा है। होम्योपैथ के प्रति जो भ्रांतियां थी, सब दूर होते जा रहे है। डॉक्टर हैनीमैन ने विश्व के लिए जो अविष्कार किया, वह आज वरदान साबित हो रहा है। भारत सरकार भी आयुष मंत्रालय के निर्देशन में आयुष चिकित्सकों मे होम्योपैथ को प्रमुखता से शामिल किया है ।
आज सरकारी नौकरी में उनकी बहाली हो रही है और अपने प्रतिभा ,योग्यता एवं सेवा भावना के चलते होमियोपैथिक डॉक्टर काफी आगे बढ़ते जा रहे है। डॉक्टर सरिता ने दूरभाष पर बताया की डॉ हैनिमैन वर्तमान समय के लिए वरदान है और होम्योपैथ जगत उनका हमेशा ऋणी रहेगा उन्होने कहा कि डॉ हैनिमैन अपनी दूरदर्शिता के कारण ऐसी -ऐसी दवा निकाली है जिसका असर तेजी से हो रहा है। बालुआ चौक के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर सिद्ध के डॉक्टर पुत्र ने अपने संदेश में बताया कि दुनिया में जितने भी महान लोग हुए हैं वे अपने कार्य और गुणों के कारण ही महान हुए हैं ।
होम्योपैथ के जनक डॉ हैनिमैन इस धरती पर हमेशा याद किए जाते रहेंगे। जिले के वरिष्ठ होम्योपैथ डॉक्टर टीके नंदी ने कहा कि डॉ हनीमैन ने वर्तमान समय मे अन्य चिकित्सा प्रणालियों के लिए लाइलाज बने बिमारियो की दवा काफी पहले ही निकाल दिया है।
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