सिकरहना : भारत-नेपाल सीमा पर खाद की तस्करी चरम पर, किसान बेहाल - माफिया मालामाल 

Jul 30, 2025 - 19:08
Updated: 9 months ago
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सिकरहना : भारत-नेपाल सीमा पर खाद की तस्करी चरम पर, किसान बेहाल - माफिया मालामाल 

चम्पारण टुडे /घोड़ासहन /पूर्वी चम्पारण। 
मोतिहारी/छौड़ादानो/घोड़ासहन। भारत-नेपाल सीमा पर इन दिनों खाद की तस्करी बेलगाम हो चुकी है। प्रतिदिन सैकड़ों बोरी उर्वरक सीमावर्ती क्षेत्रों से बेधड़क नेपाल भेजे जा रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था के बीच माफिया बेखौफ होकर इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे हैं, वहीं स्थानीय किसान उचित दर पर खाद के लिए भटक रहे हैं।

सीमाई क्षेत्र छौड़ादानो, महुआवा, कटकेनवा, बिंदवासिनी, चन्द्रमन, कोरैया, मटिअरवा, बड़ईला, जोलगांवा, बलुआ धेनुखी, बड़हरवा, झांझरा, अगरवा, रेगनिया, झरौखर, जमुनिया, खरसालवा, बैद्यनाथपुर, चैनपुर जैसे कई सीमावर्ती इलाके हैं, जिसमे कई इलाकों में खाद की जमकर तस्करी हो रही है। स्थानीय रैक प्वाइंट पर भारी मात्रा में खाद की आपूर्ति के बावजूद किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल रहा है।

खाद तस्करी एक विडिओ भी सोशल मिडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो बनकटवा प्रखंड के बीजबनी पंचायत के अगरवा का है। जिसमे एक साथ कई बाइक सवार व साइकिल पर खाद लेकर नेपाल की ओर जाते दिख रहें हैं। विडिओ पर गूगल लोकेशन व तारीख भी दर्ज है। हलाकि चम्पारण टुडे इस वीडियो या वीडियो में लगे लोकेशन व डेट की पुष्टि नहीं करता है। 

खाद के लिए लूट जैसी स्थिति, माफिया वसूल र+
छौड़ादानो के किसानों के अनुसार एक बोरी यूरिया खाद के लिए ₹500 तक वसूले जा रहे हैं, जबकि इसकी सरकारी दर मात्र ₹265 है। वहीं, डीएपी खाद की कीमत तो ₹2000 तक वसूली जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद किसानों को रसीद तक नहीं दी जा रही। जो किसान रसीद की मांग करते हैं, उन्हें खाद नहीं होने की बात कहकर टरका दिया जाता है।

कई किसानो के अनुसार खाद डीलर द्वारा आधार कार्ड पर अंगूठा लगवा कर ₹450 ले लिया गया और रसीद नहीं दी। यह स्थिति सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि पूरे इलाके की है।

किसानों की पीड़ा - फसल कट गई, खाद नहीं मिला
किसान बबलू कुमार, सरस्वती देवी, रंजन कुमार, वालेश्वर प्रसाद, रविशंकर प्रसाद, रामाशंकर प्रसाद, राम निवास कुमार, मनोज कुमार व धीरेन्द्र कुमार समेत सैकड़ों किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने दो माह पहले गरमा धान के लिए बीएओ से मिलकर खाद की मांग की थी, लेकिन तीन माह बीत जाने के बावजूद एक भी बोरी यूरिया खाद नहीं मिली। अब तो फसल कट चुकी है।

पुलिस कार्रवाई - तस्करी की खाद के साथ ट्रक जब्त
कुछ दिन पूर्व छौड़ादानो पुलिस ने खाद की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए खैरवा बाजार पर एक ट्रक को जब्त किया, जिसमें बड़ी मात्रा में यूरिया खाद लदी हुई थी। यह खाद उत्तर प्रदेश से लाई गई थी और नेपाल भेजी जा रही थी। पुलिस ने 112 नंबर पर कॉल की सूचना पर कार्रवाई की। थानाध्यक्ष के अनुसार ट्रक को थाना लाया गया और बीडीओ, कृषि विभाग व वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर दिया गया, मामले की जांच की जाएगी।

कृषि संकट की ओर बढ़ते कदम
खाद तस्करी और कालाबाजारी के कारण सीमावर्ती इलाकों के किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। यदि प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों को उनकी मेहनत का फल तभी मिलेगा, जब उन्हें खेती के लिए आवश्यक सामग्री समय पर और उचित मूल्य पर मिले।

रिपोर्ट: चम्पारण टुडे
स्थान: मोतिहारी, बिहार
दिनांक: 30 जुलाई 2025

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