रोजी-रोटी की तलाश बनी काल: राजस्थान हादसे में घोड़ासहन के लाल की मौत, सीएम ने किया मुआवजे का एलान
राजस्थान केमिकल फैक्ट्री आग हादसा 2026: बिहार के 5 प्रवासी मजदूरों की मौत। पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन, चिरैया और हरसिद्धि के युवकों ने गंवाई जान। जानिए मृतक सूची और सरकारी मुआवजे की पूरी जानकारी।
राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग: बिहार के 5 मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री ने किया ₹2-2 लाख मुआवजे का एलान
पटना: राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ एक केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग की चपेट में आने से बिहार के 5 प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर बढ़ा दी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री कार्यालय (बिहार) द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे को 'अत्यंत दुखद' बताया और शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के आश्रितों को ₹2-2 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि (Ex-gratia) तत्काल देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, नई दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को निर्देशित किया गया है कि वे राजस्थान सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीरों को ससम्मान बिहार लाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मृतकों की पहचान और पता
हादसे का शिकार हुए मजदूर मुख्य रूप से पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
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सुजन कुमार (20 वर्ष): पिता- शिवजी पासवान, ग्राम- नुरुल्लाह नारायणपुर, शिकारगंज थाना, चिरैया, पूर्वी चंपारण।
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मिंटू पासवान (22 वर्ष): पिता- सिकंदर पासवान, ग्राम- कवैया, घोड़ासहन थाना, पूर्वी चंपारण।
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अमरीश कुमार: मटिअरिया वार्ड नं. 01, हरसिद्धि अंचल।
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श्याम कुमार: पिता- राजदेव पासवान, मटिअरिया वार्ड नं. 01, हरसिद्धि अंचल।
नोट: पांचवें मृतक की आधिकारिक पहचान और विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
रोजी-रोटी की तलाश में गए थे राजस्थान
हादसे का शिकार हुए अधिकतर युवक काफी कम उम्र के थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में काम करने गए थे। खुशखेड़ा की इस फैक्ट्री में आग इतनी भीषण थी कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। स्थानीय जिला प्रशासन (पूर्वी चंपारण) को भी पीड़ित परिवारों से संपर्क साधने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि सहायता राशि जल्द से जल्द पहुँचाई जा सके।
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