समस्तीपुर : अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प के नाम पर फर्जी आवासीय का आवेदन, प्रशासन सतर्क
बिहार में फर्जी प्रमाण पत्रों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले 'सोनालिका ट्रैक्टर' और 'कुत्ता कुमार' जैसे नाम सामने आए थे, और अब ताजा मामला समस्तीपुर से आया है जहाँ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति "डोनाल्ड जॉन ट्रम्प" के नाम से फर्जी निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया। यह आवेदन 29 जुलाई 2025 को आवेदन संख्या BRCCO/2025/17989735 के तहत लोक सेवा केंद्र से किया गया था, जिसकी सेवा तिथि 9 अगस्त निर्धारित थी। प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए आवेदन को समय रहते रिजेक्ट कर दिया।
चम्पारण टुडे / बिहार।
बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामलों की श्रृंखला थमने का नाम नहीं ले रही है। सोनालिका ट्रैक्टर और 'कुत्ता कुमार' जैसे नामों के बाद अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अभी का ताजा मामले में अमेरिका के "डोनाल्ड जॉन ट्रम्प" के नाम से फर्जी निवास प्रमाण पत्र का ऑनलाइन आवेदन किया गया। जिसका आवेदन तारीख 29 जुलाई 2025 व सेवा प्रदान करने की तिथि 09 अगस्त 2025 है। जिसे समय रहते रिजेक्ट कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह आवेदन 29 जुलाई 2025 को आवेदन संख्या BRCCO/2025/17989735 के तहत लोक सेवा केंद्र के माध्यम से किया गया था। आवेदन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसमें गंभीर अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा नजर आया, जिसके बाद इसे तुरंत रद्द कर दिया गया।
मामला समस्तीपुर जिले का है, जहाँ समस्तीपुर जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि इस प्रकार की हरकतें केवल मज़ाक नहीं हैं, बल्कि यह प्रशासनिक संसाधनों और समय की बर्बादी है। ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
"सरकारी सेवाएं आम जनता की सुविधा के लिए हैं, न कि शरारत या फर्जीवाड़े के लिए। ऐसे मामलों से वास्तविक जरूरतमंद नागरिकों को परेशानी होती है और सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।"
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोकने के लिए तकनीकी जांच प्रणाली और डेटा निगरानी को और सुदृढ़ किया जाएगा। लोक सेवा केंद्रों पर आवेदनों की मैनुअल व डिजिटल दोनों स्तरों पर जांच की जाएगी ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
वही जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी पोर्टल्स और सेवाओं का सदुपयोग करें और इस तरह की हरकतों से बचें। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज बनवाने की कोशिश की, तो उसके विरुद्ध आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
बिहार में हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अजीबोगरीब नामों से प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन किए गए हैं। जिसमे सोनालिका ट्रैक्टर, कुत्ता कुमार आदि और अब समस्तीपुर में डोनाल्ड ट्रम्प के नाम से फर्जी आवेदन कर सरकारी महकमे को सोंचने पर मजबूर कर दिया है।
ये घटनाएं दिखाती हैं कि कुछ असामाजिक तत्व सरकारी व्यवस्था का उपहास उड़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे अब प्रशासनिक सख्ती और तकनीकी सुधारों के जरिए नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट: चम्पारण टुडे
सम्पर्क: https://champarantoday.in/
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