सीतामढ़ी :- सीतामढ़ी - निर्मली रेलखंड की उठी मांग, मिथिला रेलवे उपभोक्ता संघ के संयोजक संतोष कुमार शोले ने संसद देवेश चंद्र ठाकुर को सौंपा ज्ञापन

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :- सीतामढ़ी - निर्मली भाया सुरसंड,जयनगर 188.9 किलो मीटर नवनिर्मित होने वाली रेलखंड को लेकर स्थानीय स्तर पर अब आवाज उठाने लगी है। जिसको लेकर जदयू के वरिष्ठ नेता विमल शुक्ल के नेतृत्व में मिथिला रेलवे उपभोक्ता संघ के संयोजक संतोष कुमार शोले ने दिल्ली स्थित संसद देवेश चंद्र ठाकुर के नवीन आवास सीतायन पर मिलकर उनके माध्यम से रेल मंत्री से लंबित परे सीतामढ़ी - निर्मली भाया सुरसंड, भिट्ठामोड़, जयनगर रेलखंड निर्माण की मांग की है। तथा उन्होंने आवेदन के माध्यम से बताया कि सुरसंड - भिट्ठामोड़ भारतीय क्षेत्रा......

Jun 10, 2025 - 20:02
Jun 10, 2025 - 20:11
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सीतामढ़ी :- सीतामढ़ी - निर्मली रेलखंड की उठी मांग, मिथिला रेलवे उपभोक्ता संघ के संयोजक संतोष कुमार शोले ने संसद देवेश चंद्र ठाकुर को सौंपा ज्ञापन

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)

सीतामढ़ी :- सीतामढ़ी - निर्मली भाया सुरसंड,जयनगर 188.9 किलो मीटर नवनिर्मित होने वाली रेलखंड को लेकर स्थानीय स्तर पर अब आवाज उठाने लगी है। जिसको लेकर जदयू के वरिष्ठ नेता विमल शुक्ल के नेतृत्व में मिथिला रेलवे उपभोक्ता संघ के संयोजक संतोष कुमार शोले ने दिल्ली स्थित संसद देवेश चंद्र ठाकुर के नवीन आवास सीतायन पर मिलकर उनके माध्यम से रेल मंत्री से लंबित परे सीतामढ़ी - निर्मली भाया सुरसंड, भिट्ठामोड़, जयनगर रेलखंड निर्माण की मांग की है। तथा उन्होंने आवेदन के माध्यम से बताया कि सुरसंड - भिट्ठामोड़ भारतीय क्षेत्राधिकार का एक ऐसा एरिया है, जो भारत - नेपाल बार्डर से सटे है। आजादी के बाद अभी तक इस श्रेत्र में रेलवे नहीं पहुंच पाई है। यहां के स्थानीय लोग महानगर में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या दूर बसे अपने रिश्ते दारो के पास रेल के माध्यम से जाने के लिए हो या स्वास्थ्य संबंधित इलाज को लेकर रेलवे के माध्यम से जाने के लिए उन्हें या तो सीतामढी या जनकपुर रोड पुपरी रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ता है जिसकी दूरी कमोबेश 35 से 40 किलो मीटर की होती है। ऐसे परिस्थिति में इस श्रेत्र में रेलवे का होना कितना जरूरी है, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रेलवे की गर्त में दबे इस रेल खंड को निर्माण के लिए रेलवे द्वारा जो एरिया क्षेत्र को दर्शाया गया है जो अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। अगर रेलवे इन क्षेत्रों से होकर अगर रेलवे लंबित इस रेलखंड की निर्माण करती है तो आम लोगों से लेकर देश की सुरक्षा में यह रेलखंड एक अहम जिम्मेवारी उठाती नजर आएगी। उन्होंने बताया कि इस रेलखंड के इर्द गिर्द बसे बाजार में व्यापार करने वाले लोगों को विशेष फायदा होगा, जो दुकानदार अपने व्यापार को लेकर जिला मुख्यालय से समान परचेज यानी खरीददारी करते है, ओ अपने व्यापार के लिए सीधा महानगर से जुड़ेंगे और जम कर अपनी व्यापार करेंगे। उन्होंने बताया कि दूसरी बड़ी फायदा उन बच्चों को होगा जो अपनी पठन पाठन की तैयारी को लेकर राज्य के दूसरे तीसरे जिला मुख्यालय में बैठ का तैयारियां करते हैं ओ सीधा महानगरों में बैठकर अपनी पठन पाठन को बेहतर करेंगे, वही ओ तीसरा फायदा भी बताया की पड़ोसी देशों की खराब नियति के समय यह रेलखंड देश की सुरक्षा में भी अपनी अहम भूमिका निभा सकते है।

उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी - निर्मली वाया सुरसंड - जयनगर रेलवे लाइन एक भारतीय रेलवे द्वारा पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन में पूर्व प्रस्तावित रेलवे लाइन है । इसकी घोषणा पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2008 में की थी। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर 2008 को सुरसंड जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल कालेज में इस प्रस्तावित रेलवे लाइन का शिलान्यास किया था। प्रस्तावित इस रेलखंड की लंबाई 188.9 किमी बताया गया था। सरकारी व्यवस्था की लापरवाही के कारण पिछले 17 वर्षों में यह रेलवे लाइन का निर्माण अभी तक पूरी नहीं हुई है। वर्ष 2022 में, मधुबनी लोकसभा क्षेत्र के सांसद और भाजपा नेता अशोक कुमार यादव द्वारा प्रस्तावित रेलखंड को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा गया था । तब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उक्त रेलखंड निर्माण को लेकर आश्वासन भी दिया गया था, और जल्द इस परियोजना को पूरा कराने की बात कही गई थी।

मांग को देखते हुए सीतामढ़ी के वर्तमान सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इसकी प्रगति का आश्वासन दिया।

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