सुगौली: कर्नाटक में काम कर रहे सुगौली के युवक की करंट लगने से मौत, छठ पर आने की थी तैयारी

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.च: थाना क्षेत्र के माली पंचायत वार्ड नंबर 10 से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव के जितना सहनी के 25 वर्षीय पुत्र गुड्डू सहनी की कर्नाटक में काम करने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि गुड्डू बीते पांच महीनों से क......

Oct 19, 2025 - 18:52
Updated: 7 months ago
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सुगौली: कर्नाटक में काम कर रहे सुगौली के युवक की करंट लगने से मौत, छठ पर आने की थी तैयारी
सुगौली: कर्नाटक में काम कर रहे सुगौली के युवक की करंट लगने से मौत, छठ पर आने की थी तैयारी

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.च: थाना क्षेत्र के माली पंचायत वार्ड नंबर 10 से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव के जितना सहनी के 25 वर्षीय पुत्र गुड्डू सहनी की कर्नाटक में काम करने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि गुड्डू बीते पांच महीनों से कर्नाटक के दुर्गा मिक्सर ट्रेडर्स नामक ईटा बनाने वाली फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था। वह आगामी छठ पर्व पर घर लौटने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। परिजनों के मुताबिक, गुड्डू ने अपने मालिक से कई बार मजदूरी का पैसा भेजने और घर लौटने की अनुमति मांगी थी, परंतु हर बार उसे टाल दिया गया। इसी बीच 15 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली।

 यह खबर सुनते ही गांव में कोहराम मच गया। माता-पिता समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चार दिन बाद जब देर रात उसका शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव देखते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और माहौल गमगीन हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि दुर्गा मिक्सर ट्रेडर्स के संचालक की लापरवाही के कारण ही गुड्डू की जान गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, न्याय और उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आग्रह किया है कि मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके।

बताया गया कि गुड्डू सहनी बेहद गरीब परिवार से था और घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी असमय मौत से परिवार की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। मृतक के पीछे उसकी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो अब बेसहारा हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को ऐसे प्रवासी मजदूरों के परिवारों के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, जो रोजी-रोटी की तलाश में दूर-दराज के राज्यों में काम करते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आई है, बल्कि प्रवासी मजदूरों की असुरक्षित कार्य परिस्थितियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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