सुगौली: नगर में बाढ़ का कहर, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.च: सिकरहना नदी के उफान ने नगर में तबाही मचा दी है। नगर के विभिन्न इलाकों में बाढ़ का पानी कहर बनकर टूट पड़ा है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि थाना परिसर,एसपीएन कॉलेज,स्टेशन रोड, अस्पताल,शिवालय मार्ग सहित थाना से निमुई जाने वाली सड़क तक दो से तीन फीट तक पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है। एसपीएन कॉलेज .....

Oct 08, 2025 - 15:33
Updated: 7 months ago
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सुगौली: नगर में बाढ़ का कहर, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
सुगौली: नगर में बाढ़ का कहर, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.च: सिकरहना नदी के उफान ने नगर में तबाही मचा दी है। नगर के विभिन्न इलाकों में बाढ़ का पानी कहर बनकर टूट पड़ा है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि थाना परिसर,एसपीएन कॉलेज,स्टेशन रोड, अस्पताल, शिवालय मार्ग सहित थाना से निमुई जाने वाली सड़क तक दो से तीन फीट तक पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है। एसपीएन कॉलेज परिसर में पानी घुस जाने से कॉलेज प्रशासन को शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद करना पड़ा है।

कॉलेज रोड से नगर पंचायत रोड तक पानी का बहाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। बस स्टैंड चौक से स्टेशन जाने वाली सड़क पर भी भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे यातायात में काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। थाना मुख्यालय से सटे माईस्थान और पवरिया टोला की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। इन इलाकों में तीन फीट से अधिक पानी का प्रवाह जारी है। नगर के वार्ड संख्या 2, 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।

स्थानीय निवासी एवं दवा व्यवसाई ओमप्रकाश कुमार,हर्ष कुमार, ग्रामीण जयप्रकाश तिवारी तथा मरीज रीता सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी अब लोगों के घरों में घुस चुका है। अस्पताल और स्टेशन तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। कई मरीजों को इलाज के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने चारे की भारी किल्लत बाढ़ के कारण पशुपालकों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। चारे की भारी किल्लत से वे पशुओं को भूख से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अधिकांश पशुपालक अपने मवेशियों के लिए दूर-दराज के इलाकों से चारा लाने को मजबूर हैं। वहीं बाढ़ के पानी के बीच पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। प्रशासन की ओर से अब तक राहत और बचाव कार्यों की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। बाढ़ के इस भयावह संकट ने नगर की व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है। लोगों को अब प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षित ठिकाने की उम्मीद है।

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