सुगौली: सिकरहना में उफान, खेत-खलिहान डूबे पानी में

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.चः सिकरहना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से नदी किनारे अवस्थित लोग डरे सहमें है। प्रखंड के सुकुल पाकड़ पंचायत में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दो दिनों में हुई लगातार बारिश से सिकरहना नदी का जलस्तर लगभग 228 एमएम तक बढ़ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। खेत-खलिहान से लेकर कई घरों तक पानी जा चुका है। शनिवार की सुबह से ही हुई मुसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर......

Oct 5, 2025 - 15:45
Oct 5, 2025 - 16:22
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सुगौली: सिकरहना में उफान, खेत-खलिहान डूबे पानी में
सुगौली: सिकरहना में उफान, खेत-खलिहान डूबे पानी में

अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली, पू.चः सिकरहना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से नदी किनारे अवस्थित लोग डरे सहमें है। प्रखंड के सुकुल पाकड़ पंचायत में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दो दिनों में हुई लगातार बारिश से सिकरहना नदी का जलस्तर लगभग 228 एमएम तक बढ़ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

खेत-खलिहान से लेकर कई घरों तक पानी जा चुका है। शनिवार की सुबह से ही हुई मुसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर सुकुल पाकड़ के धूमनी टोला गांव के लिए आफत बन गया है। नदी का पानी गांव में घुस आने से चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। धूमनी टोला से फेंक रहा पानी प्रखंड के उतरी छोर के विभिन्न सरेही इलाके में प्रवेश कर रहा है। जिससे किसानों को चिंता सता रही है।

चीलझपटी बांध सडक पर पानी चढ़ गया है। जबकि कुछ घर पानी से घिर गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग धपवा–रक्सौल रोड के किनारे का हिस्सा भी कुछ जगहों पर पानी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया है। बारिश की वजह से तेज पानी से सड़क पर गड्ढे बन गई थी जिससे अब मिट्टी भरकर उसे मरम्मत कर दिया गया है। वहीं,खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं।

किसान खेतों तक पहुंचने में असमर्थ हैं, जिससे वे अपनी मेहनत को यूं बहते देख बेबस हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते सिकरहना नदी के किनारे बने बांध की मरम्मत कर दी जाती, तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से त्वरित राहत, फसल क्षति का सर्वेक्षण और उचित मुआवजे की मांग की है। बच्चे और महिलाएं सबसे अधिक परेशानी में हैं। वहीं जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका से लोग दहशत में हैं।

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