सुगौली: गन्ना किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित
अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली द्वारा आरक्षित ग्राम सिंहासिनी में मंगलवार को एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम सह किसान संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के अंतर्गत बिहार सरकार,गन्ना उद्योग विभाग की ओर से आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का मु......
अमरुल आलम की रिपोर्ट सुगौली द्वारा आरक्षित ग्राम सिंहासिनी में मंगलवार को एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम सह किसान संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के अंतर्गत बिहार सरकार,गन्ना उद्योग विभाग की ओर से आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य गन्ना की प्रति एकड़ पैदावार बढ़ाने हेतु किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और नई जानकारी से अवगत कराना था। कार्यक्रम में सिंहासिनी पंचायत क्षेत्र के लगभग 160 गन्ना कृषक एवं कृषक सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र में वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. सतीश चंद्र, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर, ने किसानों को गन्ना उत्पादन की नवीनतम विधियों,उन्नत बीजों के चयन, खेत प्रबंधन, खाद एवं कीटनाशक के संतुलित प्रयोग और आधुनिक सिंचाई तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि लागत घटाकर अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं। इस अवसर पर एचपीसीएल बायोफ्यूल्स लिमिटेड, सुगौली इकाई के गन्ना प्रबंधक श्री संजीव कुमार,गन्ना अधिकारी श्री अजय शर्मा, तथा बिहार सरकार की ओर से गन्ना प्रसार अधिकारी श्री बैजनाथ साहू ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने गन्ना की फसल को लेकर सरकार और मिल प्रबंधन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और किसानों को मिलने वाले लाभ की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार लगातार गन्ना उत्पादक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास में लगी है। इस दिशा में किसान संगोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गन्ना किसान, उनके सहयोगी, बिहार सरकार के जनसेवक और मिल कर्मचारियों सहित लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान किसानों ने वैज्ञानिकों से सवाल-जवाब भी किए और गन्ना की फसल में आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त की। ग्रामीण अंचल में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों में उत्साह का संचार हुआ है। किसानों का मानना है कि इस प्रकार की कार्यशालाएं उनके लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी और आने वाले समय में गन्ना उत्पादन में निश्चित ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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