देशबंदी में बढ़ने लगी है मौत के सौदागरों का बाजार
मोतिहारी, नरेन्द्र झा वरीय संवाददाता की विशेष रिपोर्ट
कोरोनावायरस के संभावित संक्रमण से बचाव के लिए की गई देशबंदी से भले ही इस जान लेवा बीमारी को मात दी जा रही है लेकिन इस दरम्यान मौत के सौदागरों ने अपना नेटवर्क फैला दिया है। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी ऐसे लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। शराब बंदी को धता बताते हुए चारों तरफ अवैध शराब का कारोबार फैला हुआ है। नेपाल, पंजाब, हरियाणा, रांची जैसे जगहों से शराब की खेप मंगाई जाती है और उसे सिंडिकेट द्वारा निर्धारित जगहों पर पहुंचा दिया जाता है।
हालांकि कोरोना के कारण किए गए देशबंदी में राज्य से लगी सीमाओं पर बढ़ी चौकसी एवं बाधित परिवहन व्यवस्था के कारण शराब की खेप नहीं आ रही है तो ऐसे में सौदागरों ने नया तरीका ढूंढ लिया है।अब नेपाल से सौंफिया और दूसरी अन्य शराब पगडंडी रास्ते से मंगा ली जा रही है। इतना ही नहीं अब तो मौत के इन सौदागरों ने निजी तौर पर भी शराब बनाने लगे हैं। यह अवैध शराब कभी भी जहरीली बन लोगों की मौत का कारण बन सकती है। ऐसा नहीं है कि पुलिस ऐक्शन में नहीं है लेकिन कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने में वे सक्रिय रूप से लगी है जिसका शायद लाभ ये लोग उठा रहे हैं।
इधर सरकार द्वारा प्रतिबंधित निकोटिन युक्त मसाले की अवैध बिक्री भी चालू है।इनकी कीमतों में भी मनमाने तरीके से बढ़ोतरी की गई है।सवाल यह नहीं है कि कीमतें बढ़ाई गई है,सवाल खड़ा होता है कि प्रतिबंध के बावजूद इन सामानों को बेधड़क बेची कैसे जा रही है। हालांकि यह भी सच्चाई है कि देशबंदी के बाद शायद ही जरुरत की ऐसी कोई भी सामान हो जिसकी कीमत न बढ़ाई गई हो। मोतिहारी जिला के जिस गांव में मैं रहता हूं वहां आसपास के लगभग सभी बाजारों में यही हाल है। किराना सामान हो या कास्मेटिक कीमतें सबकी बढ़ी है।
सरकार की ओर से मुनाफाखोर व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणाएं की जा रही है लेकिन अबतक ऐसा नहीं देखा गया है कि कोई सरकारी मुलाजिम किसी थोक या खुदरा दुकानों पर जाकर कीमतों की समीक्षा की हो या कोई चेतावनी दी गई हो। व्यापारियों की अपनी मर्जी जैसी भाव जब मन हो तय कर दे। मैं यह तो नहीं कह सकता कि शासन की नीयत में कोई खोट है, संभव है कि कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से निपटने में इनकी सहभागिता अधिक होने से दूसरे कामों से ध्यान दूर हुआ हो लेकिन परेशान तो वहीं जनता हो रही है जिसे बचाने में पूरा सरकारी महकमा रात-दिन व्यस्त है।
बहरहाल, अवैध शराब, प्रतिबंधित पान-मसाले, नशीली अन्य पदार्थ या फिर समय का फायदा उठाकर मुनाफाखोर व कालाबाजारी करने वाले या बेचने वाले ये सभी लोग मौत के सौदागर हैं और इनपर बड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है अन्यथा ये लोग कोरोना की तरह फैलते जायेंगे।
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