सीतामढ़ी :- गाँव-गाँव गूंज रही है बदलाव की आवाज़—महिलाओं ने संभाली नेतृत्व की कमान

May 10, 2025 - 22:29
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सीतामढ़ी :- गाँव-गाँव गूंज रही है बदलाव की आवाज़—महिलाओं ने संभाली नेतृत्व की कमान

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)

सीतामढ़ी :- जिले के गाँवों में इन दिनों एक नई क्रांति, एक ऊर्जा, एक नई चेतना देखने को मिल रही है। सैकड़ों गाँवों की महिलाएँ आज न सिर्फ़ अपने अधिकारों को जान रही हैं, बल्कि नीति-निर्माण की चर्चाओं में भी मुखर हो रही हैं। यह बदलाव किसी चमत्कार से नहीं, बल्कि “महिला संवाद” नामक एक जन-जागरूकता अभियान की बदौलत संभव हो पाया है, जिसे ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से जीविका द्वारा संचालित किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम अब केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रह गया—यह एक आंदोलन बन चुका है। एक ऐसा आंदोलन जो महिलाओं को एकजुट कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य कर रहा है।

सीतामढ़ी के सभी 17 प्रखंडों में चल रहे इस महिला संवाद कार्यक्रम के तहत अब तक 903 जीविका महिला ग्राम संगठनों में आयोजन हो चुका है, और 1 लाख 53 हज़ार से अधिक महिलाओं की सीधी भागीदारी दर्ज की गई है। लक्ष्य है कि जिले के सभी 2503 ग्राम संगठनों तक यह संवाद पहुँचे, और इसके लिए प्रतिदिन 2 पालियों में 21 विशेष संवाद रथों की टीम 42 स्थानों पर संवाद की श्रृंखला चला रही है। 

यह मंच महिलाओं को केवल बोलने का अवसर नहीं देता, बल्कि उन्हें सुना भी जाता है। संवाद कार्यक्रमों में महिलाएँ खुलकर अपनी समस्याएँ और सुझाव साझा कर रही हैं। कोई पेंशन की राशि बढ़ाने की माँग कर रही है, तो कोई गाँव में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की अपील कर रही है। कई गृहिणियाँ स्वरोजगार की संभावनाएँ तलाश रही हैं, वहीं किशोरियों की माँग है कि उन्हें खेलने के लिए सुरक्षित मैदान और सुविधाएँ मिलें।

संवाद रथों में लगी आधुनिक एलईडी स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियाँ और संवादात्मक सत्रों ने सरकारी योजनाओं को गाँव की महिलाओं के लिए सरल, सहज और समझने योग्य बना दिया है। अब महिलाएँ जान रही हैं कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, पोशाक योजना, छात्रवृत्ति, नल-जल योजना, और सरकारी ऋण जैसी योजनाएँ सिर्फ कागज़ों पर नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी को बेहतर बनाने का साधन बन सकती हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को सीतामढ़ी के परसौनी प्रखंड के परशुरामपुर पंचायत स्थित उत्तम जीविका महिला ग्राम संगठन में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 218 महिलाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई । सभी महिलाओं द्वारा अपनी अपनी आकांक्षाएं और समस्याएं बताई गई जिनमें मुख्यतः

1) वार्ड 12 के आंगनवाड़ी केंद्र में चापा कल नहीं होने के कारण बच्चों को बहुत दूर से पानी लाना पड़ता है। अतः चापा कल की मांग की गई ।

2) ममता देवी द्वारा वार्ड 11 में धर्मेंद्र साह के घर से लेकर नरेश ठाकुर के घर तक नाला और सड़क नहीं है, जिसकी मांग की गई ।

3) वार्ड 13 में सार्वजनिक शौचालय की मांग की गई ।

4) सुलेखा देवी द्वारा वार्ड 7 में सरकारी स्कूल से लेकर तीनटोली वार्ड 7 तक सड़क और नाला नहीं होने के कारण जलजमाव के समस्या है । अतः सड़क और नाले की मांग की ।

5) वार्ड 10 में 10 परिवारों के राशन कार्ड बनवाने की मांग 

6) वार्ड 7, 10 और 13 में नल की व्यवस्था नहीं है । अतः सभी संबंधित महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से नल जल की मांग की गई ।

इस कार्यक्रम में जीविका जिला कार्यालय से अभिषेक कुमार, प्रबंधक-संचार, अमन कुमार, युवा पेशेवर-सामाजिक विकास, जीविका परसौनी से अनूप कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, अंशु कुमारी, सामुदायिक समन्वयक आदि उपस्थित रहे ।

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