मेहसी: मेहसी के शहीद रामअवतार साह सहित 27 स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

अमरुल आलम की रिपोर्ट मेहसी, पू.च: स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति, जिला इकाई द्वारा रविवार को सत्य आश्रम, मेहसी में मासिक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतर्गत शहीद रामअवतार शाह, बुधन राउत, सत्यनारायण आर्य, वीरेश्वर आजाद सहित कुल 27 स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। समारोह का शुभारंभ अरविंद गुप्ता द्वारा झंडोतोलन एवं राष्ट्रगान से हुआ। इसके बाद अतिथियों एवं समिति सदस्यों ने एक दर्जन से अधिक सेनानियों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के मुख्य अति......

Sep 7, 2025 - 16:10
Sep 7, 2025 - 19:55
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मेहसी: मेहसी के शहीद रामअवतार साह सहित 27 स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

अमरुल आलम की रिपोर्ट मेहसी, पू.च: स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति, जिला इकाई द्वारा रविवार को सत्य आश्रम, मेहसी में मासिक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतर्गत शहीद रामअवतार शाह, बुधन राउत, सत्यनारायण आर्य, वीरेश्वर आजाद सहित कुल 27 स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। समारोह का शुभारंभ अरविंद गुप्ता द्वारा झंडोतोलन एवं राष्ट्रगान से हुआ। इसके बाद अतिथियों एवं समिति सदस्यों ने एक दर्जन से अधिक सेनानियों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार के महासचिव अशोक वर्मा, जिला अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक, संरक्षक प्रो. खुश नंदन सिंह, पूर्व प्राचार्य शशिकला कुमारी, कोषाध्यक्ष चंद्रमा यादव, जिला सचिव उमेश सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। दूसरे सत्र में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान विषयक विचार-संगोष्ठी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए सत्यदेव राय आर्य ने कहा कि मेहसी का योगदान स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। 24 अगस्त 1942 को यहां के सेनानी रामअवतार शाह और बुधन राउत ने शहादत दी थी, वहीं वीरेश्वर आजाद ने विद्यालय से रसायन चुराकर बम तैयार किए थे। मुख्य वक्ता अशोक वर्मा ने कहा कि जिस देश ने अपने शहीदों और सेनानियों को याद किया है, वह देश निरंतर प्रगति करता रहा है। आज मूल्यों का ह्रास सबसे बड़ी चुनौती है, ऐसे में उत्तराधिकारियों का दायित्व है कि वे अपने पूर्वजों की परिकल्पना के अनुरूप राष्ट्र निर्माण करें। संचालन करते हुए कौशल किशोर पाठक ने कहा कि यह आयोजन पूरे देश के हजारों जिलों में एक साथ सुबह 10 बजे हो रहा है। उद्देश्य है सेनानी परिवारों को एकजुट कर संगठन को मजबूत बनाना। आगामी कदम के रूप में सभी सेनानी परिवारों का सर्वे कर उन्हें सहयोग पहुंचाया जाएगा। संरक्षक शशिकला कुमारी ने अपने पिता स्वतंत्रता सेनानी भोलाराम तूफानी को याद करते हुए कहा कि उन पर वारंट जारी हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी डरना नहीं सीखा। विधायक बनने के बाद भी उन्होंने अपना वेतन जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित किया। अंत में आयोजक सत्यदेव राय आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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