पूर्वी चंपारण एसपी स्वर्ण प्रभात के सख्त प्रशासनिक कार्यशैली की गूंज, अपराधियों में खौफ और सिस्टम में अनुशासन
चम्पारण टुडे। पूर्वी चंपारण पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात इन दिनों अपने प्रभावशाली नेतृत्व और त्वरित कार्रवाई के लिए चर्चा में हैं। जिले में अपराध और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के उनके तरीकों ने न सिर्फ अपराधियों की कमर तोड़ी है, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर भी अनुशासन और जवाबदेही की एक नई लकीर ............
चम्पारण टुडे। पूर्वी चंपारण
पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात इन दिनों अपने प्रभावशाली नेतृत्व और त्वरित कार्रवाई के लिए चर्चा में हैं। जिले में अपराध और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के उनके तरीकों ने न सिर्फ अपराधियों की कमर तोड़ी है, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर भी अनुशासन और जवाबदेही की एक नई लकीर खींच दी है।
अपराधियों में डर का माहौल, कई कर रहे हैं सरेंडर :-
एसपी स्वर्ण प्रभात की कार्यशैली के कारण पूर्वी चंपारण में साइबर अपराधियों से लेकर कुख्यात अपराधियों तक में डर का माहौल है। हाल के दिनों में कई अपराधियों ने खुद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। साइबर फ्रॉड जैसे जटिल मामलों में जहां पहले पुलिस की पकड़ कमजोर मानी जाती थी, वहां एसपी की साइबर यूनिट को दी गई सक्रियता और संसाधन ने लगातार सफलता दिलाई है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस :-
एसपी स्वर्ण प्रभात सिर्फ अपराधियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ भी उतने ही सख्त हैं। चाहे वह थानेदार द्वारा वसूली हो या सिपाही द्वारा लापरवाही, एसपी का एक ही सिद्धांत है – "गलत करने वाला बख्शा नहीं जाएगा।" हाल ही में कई ऐसे पुलिसकर्मियों को निलंबित या लाइन हाजिर किया गया है, जिन पर वसूली, लापरवाही या अनुचित व्यवहार के आरोप साबित हुए।
जिम्मेदार और जवाबदेह पुलिसिंग की मिसाल :-
एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में जिले की पुलिसिंग में जवाबदेही की भावना मजबूत हुई है। अब अधिकारी फील्ड में सक्रिय दिख रहे हैं, थानों में आम जनता की बातों को सुना जा रहा है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। उनके निर्देशन में चलाए जा रहे गश्ती, छापेमारी और निगरानी अभियान ने कई मामलों में त्वरित सफलता दिलाई है।
जनता में भरोसा बढ़ा, सिस्टम पर यकीन लौट रहा है :-
एसपी की सक्रियता से आम लोगों में भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। लोग अब खुलकर अपनी शिकायतें पुलिस तक पहुंचा रहे हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि उनकी बात सुनी जाएगी और कार्रवाई होगी। लोगो के शिकायत पर एसपी ने लोगो की कौन कहे पुलिस कर्मियों तक के चालान कटवाएं तथा कई मामलो में दण्डित भी किया।
पूर्वी चंपारण में एसपी स्वर्ण प्रभात का कार्यकाल पुलिसिंग के लिए नई दिशा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। उनके द्वारा बनाई गई पारदर्शी और अनुशासित कार्य संस्कृति आने वाले दिनों में जिले को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत नींव साबित हो सकती है।
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