एक सप्ताह से हो रही बारिश से किसानों की बढी चिंता अभी राहत देने के मूड में नहीं है इंद्रदेव
पताही से प्रिंस कुमार की रिपोर्ट
पताही- पिछले लगभग एक सप्ताह से प्रखंड क्षेत्र में हो रही आंधी-पानी एवं ओलावृष्टि से पताही प्रखंड सहित जिले में लगी गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है ।लॉक डाउन का पालन करते हुए किसान धीरे-धीरे अपनी गेहूं की फसल की कटाई कर रहे हैं लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही वर्षा के कारण गेहूं के बोझा में अंकुरण आना शुरू हो गया है।
हर रोज किसान अपनी गेहूं की बोझा को धूप में सूखआते हैं तो शाम में बारिश फिर उसे भींगा देती है ऐसे में गेहूं की दाने में अंकुरण आना शुरू हो गया है। तेज हवा के साथ बारिश बुधवार गुरुवार शाम एवं शुक्रवार शाम पताही,फेनहारा, ढाका, घोड़ासहान, चिरैया और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार बारिश होने से गेहूं की फसल ज्यादा बर्बाद हो गए हैं । किसान जगनारायण सिंह, महेश सिंह, मनोज सिंह, प्रिंस कुमार, रंग लाल साह, गगनदेव साह,दीनेश ने बताया कि कोरोना संकट के बीच बिन मौसम बरसात ने हम सभी किसानों की कमर तोड़ दी है।
लॉक डाउन के चलते किसान खेतों में लगी अपनी फसल को नहीं काट पा रहे थे। ऊपर से बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है।बेमौसम बारिश ने किसानों की खेती चौपट कर दिया है । प्रखंड क्षेत्र में कुदरत का कहर इस तरह से बरपा है कि खेतों में लगी फसल चौपट हो गई है ।इधर प्रखंड कृषि कोडिनेटर श्रुति सिंहा ने बताया कि किसानों के फसल नुकसान का आकलन नहीं मांगा गया है और नहीं मेरे द्वारा बड़े अधिकारियों को अवगत कराया गया है क्यों कि लगभग 75% गेहूं की कटनी प्रखण्ड क्षेत्र में हो चुकी है । तब सवाल उठाता है कि ऐसे में किसानों का भला कैसे होगा ।
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