घोड़ासहन : कोरैया गांव में पेड़ पर लटका मिला हेलीकॉप्टर, इसमें लगा है कैमरा, पाकिस्तान की ओर शक, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

चम्पारण टुडे /मोतिहारी।  बिहार के पूर्वी चम्पारण जिला स्थित घोड़ासहन प्रखंड के कोरैया ग्राम में वार्ड नंबर 10 के नल-जल टावर के पास एक पेड़ पर लटका हुआ छोटा हेलीकॉप्टर मिला है। नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्र में इस हेलीकाप्टरनुमा उपकरण के मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इसमें कैमरा भी लगे होने की बात बताई जा रही है। जिसे ........

May 08, 2025 - 11:21
Updated: 12 months ago
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घोड़ासहन : कोरैया गांव में पेड़ पर लटका मिला हेलीकॉप्टर, इसमें लगा है कैमरा, पाकिस्तान की ओर शक, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

चम्पारण टुडे /मोतिहारी। 
बिहार के पूर्वी चम्पारण जिला स्थित घोड़ासहन प्रखंड के कोरैया ग्राम में वार्ड नंबर 10 के नल-जल टावर के पास एक पेड़ पर लटका हुआ छोटा हेलीकॉप्टर मिला है। नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्र में इस हेलीकाप्टरनुमा उपकरण के मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इसमें कैमरा भी लगे होने की बात बताई जा रही है। जिसे स्थानीय लोगो ने डंडे से मारकर नीचे गिराया और तुरंत जमुनिया स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) को सूचित किया।

प्रथम दृष्टया यह उपकरण खिलौना जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन उसमें एक कैमरा भी लगा हुआ पाया गया, जिससे इसकी प्रकृति पर संदेह उत्पन्न हुआ। SSB ने उपकरण को जब्त कर लिया है और इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि यह उपकरण निगरानी के उद्देश्य से उपयोग किया गया था या किसी अन्य प्रयोजन के लिए। पहलगाम में कत्लेआम के बाद भारत पाकिस्तान के बीच के सम्बन्ध को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहें हैं। नेपाल से जुड़ा यह भारतीय सीमा चाइना के बहुत करीब है। जिससे आम लोगो के साथ साथ सीमा सुरक्षा में लगी एजेंसियां भी इसे शक के निगाह से देख रही है।  

इस घटना ने स्थानीय निवासियों में चिंता की लहर दौड़ा दी है, विशेषकर जब देश के विभिन्न हिस्सों में ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों के दुरुपयोग की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में असम-बांग्लादेश सीमा पर भी एक विदेशी ड्रोन मिलने की खबर आई थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया था। 

कोरैया ग्राम की इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। यह घटना एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करती है कि तकनीकी उपकरणों का दुरुपयोग किस प्रकार से सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है और इसके प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। हलाकि खबर लिखे जाने तक प्रशासनिक जाँच जारी है। 

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