सीतामढ़ी :- सगौली - दानापुर फास्ट पैसेंजर को पटना जंक्शन पहुंचने तथा ट्रेन में डब्बे की बढ़ोतरी की उठी मांग
सागर कुमार, चम्पारण टुडे, ,,सीतामढ़ी ब्यूरो,, सीतामढ़ी :- सुगौली - दानापुर ट्रेन में कोच की संख्या बढ़ाने और सुबह 10 बजे पटना पहुंचने की नई समय सारिणी लागू होने की प्रतीक्षा कब समाप्त होगी। रोष व्यक्त कर यह पूछा केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका सहित विभिन्न सामाजिक संगठन द्वारा ट्रेन संख्या 15515 / 15516 में कोच की संख्या बढ़ाने हेतु बहुत दिनों से हो रही माँगो पर विभाग द्वारा अब.....
सागर कुमार, चम्पारण टुडे, ,,सीतामढ़ी ब्यूरो,,
सीतामढ़ी :- सुगौली - दानापुर ट्रेन में कोच की संख्या बढ़ाने और सुबह 10 बजे पटना पहुंचने की नई समय सारिणी लागू होने की प्रतीक्षा कब समाप्त होगी। रोष व्यक्त कर यह पूछा केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका सहित विभिन्न सामाजिक संगठन द्वारा ट्रेन संख्या 15515 / 15516 में कोच की संख्या बढ़ाने हेतु बहुत दिनों से हो रही माँगो पर विभाग द्वारा अबतक अमल नहीं किया गया है, जो एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।उक्त मांग को दोहराते हुए कैट के जिलाध्यक्ष श्री सुन्दरका एवं डीआरयूसीसी के पूर्व सदस्य आलोक कुमार ने रेलमन्त्री, सांसद सहित रेलवे पदाधिकारियों से अविलम्ब कोच बढ़ाने, नई समय सारिणी लागू करने और ट्रेन को पटना जंक्शन ले जाने की माँग की। ट्रेन के सुगौली से सीतामढ़ी पहुँचते - पहुँचते इतनी भीड़ हो जाती है कि कोच में पाँव रखने की जगह नहीं होती।

इस ट्रेन के यात्रियों में पुरुषों के साथ महिलाएं और लड़कियों की संख्या भी उतनी ही होती है कि सैकड़ों की तादात में महिलाएं, लड़कियां, लड़के व बुजुर्ग यात्री खड़े होकर भीड़ में दबकर सफर करते हैं। वहीं तपती गर्मी में भीड़ से यात्रियों में विशेषकर छोटे बच्चों, महिलाओं व बुजुर्ग के बेहोश होने की संभावना बढ़ जाती है। जिलाध्यक्ष सुन्दरका व आलोक कुमार, विजय सर्राफ ने कहा कि ट्रेन सुगौली - दानापुर की समय सारिणी को यात्रियों की सुविधा के अनुकूल किया जाए एवं विभिन्न स्टेशनों के मध्य लग रहे अधिक मार्जिन समय को कम किया जाए एवं ट्रेन में तीन एसी कोच सहित कोच की संख्या बढ़ाकर (22) बाईस हो। ट्रेन की समय सारिणी इस प्रकार हो कि ऑफिस, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, आजीविका स्थल एवं वहाँ मिलने वाली कनेक्टिंग ट्रेन के समय को ध्यान में रखते हुए ट्रेन सुबह दस बजे पटना पहुँचे और ऑफिस समय के बाद पटना से संध्या साढ़े पाँच बजे खुले। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी, ट्रेन की उपयोगिता कई गुणा बढ़ जाएगी और रेलवे का राजस्व में भी बेतहाशा वृद्धि होगी।
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