सीतामढ़ी :- जन्मभूमि ने बेटी को आज अस्थायी मंडप में दिया स्थान, 31 दिसंबर 2028 को भव्य मंदिर में लौटेंगी मां सीता

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,,सीतामढ़ी ब्यूरो,, सीतामढ़ी :- जिस धरती ने मां जानकी को जन्म दिया, शनिवार को उसी धरती ने अपनी बेटी को फिर अपने आंचल में सहेज लिया। ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय माता जानकी’ के जयघोष से पुनौराधाम गूंज उठा। नूतन सीताराम काष्ठ मंडपम में मां सीता और भगवान श्रीराम की प्रतिमा.......

Aug 08, 2026 - 22:22
Updated: 54 minutes ago
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सीतामढ़ी :- जन्मभूमि ने बेटी को आज अस्थायी मंडप में दिया स्थान, 31 दिसंबर 2028 को भव्य मंदिर में लौटेंगी मां सीता

...आज जन्मभूमि ने बेटी को अस्थायी मंडप में स्थान दिया है, कल वही बेटी भव्य मंदिर में लौटेंगी। इस भावुक इंतजार की तारीख अब तय है—31 दिसंबर 2028।

.....सियावर रामचंद्र की जय’ से गूंजा पुनौरा धाम, काष्ठ मंडपम में विराजीं मां जानकी; सीएम ने लिया संकल्प

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,,सीतामढ़ी ब्यूरो,,

सीतामढ़ी :- जिस धरती ने मां जानकी को जन्म दिया, शनिवार को उसी धरती ने अपनी बेटी को फिर अपने आंचल में सहेज लिया। ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय माता जानकी’ के जयघोष से पुनौराधाम गूंज उठा। नूतन सीताराम काष्ठ मंडपम में मां सीता और भगवान श्रीराम की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। किसी के हाथ प्रार्थना में जुड़े थे तो किसी की आंखें इस भावुक पल की साक्षी बन रही थीं। इसी पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकल्प लिया कि 31 दिसंबर 2028 तक भव्य मंदिर का निर्माण पूरा कराकर मां जानकी को उनके स्थायी मंदिर में फिर विराजमान कराया जाएगा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां जानकी और भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। प्रतिमाओं की स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए मां जानकी के दर्शन किए।

लंबे समय से भव्य मंदिर की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण आस्था के साथ एक नई उम्मीद लेकर आया।

अस्थायी मंडप से भव्य मंदिर तक का सफर

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन भव्य मां जानकी मंदिर के मॉडल का अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम और महिला हाट सहित प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनौराधाम मां जानकी की जन्मभूमि और बिहार की धार्मिक - सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। धाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

अब उस भावुक पल का इंतजार

शनिवार को जन्मभूमि ने अपनी बेटी को अस्थायी काष्ठ मंडप में स्थान दिया। अब श्रद्धालुओं की निगाह उस दिन पर टिकी है, जब भव्य मंदिर तैयार होगा और मां जानकी अपने स्थायी धाम में लौटेंगी।

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