पोषण मेले में दिखी स्थानीय खाद्य विविधता, परिवार संग पहुंचे पूसा बीडीओ
पोषण मेले में दिखी स्थानीय खाद्य विविधता, परिवार संग पहुंचे पूसा बीडीओ
पोषण माह के समापन पर जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों और अभिभावकों को संतुलित आहार व एनीमिया से बचाव की दी गई जानकारी
रामजी कुमार।
समस्तीपुर। राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के अवसर पर गुरुवार को पूसा में पोषण जागरूकता कार्यक्रम सह पोषण मेले का आयोजन किया गया। मेले में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दाल, दलहन, सब्जियों, फल और अन्य खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित कर संतुलित और विविध आहार का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की खास बात रही कि पूसा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रवीश कुमार रवि अपने बच्चे और पत्नी के साथ मेले में पहुंचे और विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया।

कार्यक्रम में विद्यालय पोषण कार्यक्रम ‘अंकुरन’, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका तथा सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की ओर से पोषण से जुड़ी गतिविधियां और प्रदर्शनी लगाई गई थीं। बच्चों और अभिभावकों को खेल, प्रश्नोत्तरी, मॉडल और खाद्य पदार्थों के माध्यम से पोषण के महत्व की जानकारी दी गई।
थाली में दिखी स्थानीय खाद्य विविधता
पोषण प्रदर्शनी में चावल के साथ विभिन्न प्रकार की दालें, चना, राजमा, मूंगफली, सब्जियां, केला, आलू, दूध से बने खाद्य पदार्थ और अन्य स्थानीय खाद्य सामग्री प्रदर्शित की गई। आयोजकों ने बताया कि संतुलित आहार के लिए जरूरी नहीं कि परिवार महंगे खाद्य पदार्थों पर ही निर्भर रहे। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों में भी शरीर के लिए जरूरी विभिन्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं। भोजन में अनाज के साथ दाल, हरी सब्जी, मौसमी फल और अन्य विविध खाद्य पदार्थ शामिल करने से आहार को अधिक संतुलित बनाया जा सकता है।
बीडीओ रवीश कुमार रवि ने परिवार के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पोषण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने पोषण जागरूकता के ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण को केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे हर परिवार की रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है। बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए परिवार और विद्यालय दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
बच्चों को खेल-खेल में समझाया पोषण
सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग की ओर से कई स्टॉल लगाए गए थे। यहां बच्चों को रोचक खेलों, गतिविधियों और पोषण संबंधी मॉडल के जरिए स्वस्थ भोजन और संतुलित आहार के बारे में बताया गया। विभिन्न विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों से आए बच्चों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की ओर से स्वास्थ्य जांच से संबंधित स्टॉल भी लगाया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पोस्टरों के जरिए एनीमिया की जांच, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, पोषण परामर्श तथा किशोरियों और गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।
मातृ-शिशु पोषण पर भी जोर
आईसीडीएस की ओर से लगाए गए स्टॉल पर गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रमों की प्रदर्शनी के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के बारे में जानकारी देते हुए एनीमिया की रोकथाम, आयरन-फोलिक एसिड के सेवन और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी रवीश कुमार रवि, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. उषा सिंह, राजस्व पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, यूनिसेफ की राज्य सलाहकार पल्लवी कुमारी एवं सहानुभूति कृष्णन सहित स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विद्यालय पोषण कार्यक्रम ‘अंकुरन’ के कार्यक्रम सलाहकार केशव कुणाल, फील्ड असेसर शिवम कुमार और कार्यक्रम सलाहकार अमित कुमार समेत आयोजन से जुड़े अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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