घोड़ासहन : 16 अगस्त को घोड़ासहन पहुंचेंगे चर्चित युवा वैज्ञानिक प्रो. सुबोर्नो इसाक बारी, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा वैश्विक विज्ञान से जुड़ने का अवसर

16 अगस्त को घोड़ासहन स्थित ज्ञान ज्योति में चर्चित युवा वैज्ञानिक प्रो. सुबोर्नो इसाक बारी का आगमन होगा। वे छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए क्वांटम मैकेनिक्स पर विशेष व्याख्यान देंगे। उनके कार्यक्रम से ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, शोध और तकनीकी विकास की नई जानकारी एवं प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम को लेकर ज्ञान ज्योति में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

Aug 13, 2026 - 19:07
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घोड़ासहन : 16 अगस्त को घोड़ासहन पहुंचेंगे चर्चित युवा वैज्ञानिक प्रो. सुबोर्नो इसाक बारी, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा वैश्विक विज्ञान से जुड़ने का अवसर
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चम्पारण टुडे /सिकरहना /पूर्वी चम्पारण 
घोड़ासहन (पूर्वी चम्पारण)। घोड़ासहन की धरती 16 अगस्त को विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में एक खास एवं गौरवपूर्ण अवसर की साक्षी बनने जा रही है। ज्ञान ज्योति परिसर में दुनिया के चर्चित युवा वैज्ञानिक प्रो. सुबोर्नो इसाक बारी का आगमन होगा। इस दौरान वे संस्थान के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे और क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) जैसे अत्याधुनिक एवं जटिल वैज्ञानिक विषय पर विशेष व्याख्यान देंगे। प्रो. सुबोर्नो का यह कार्यक्रम खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध और नई तकनीकों को लेकर रुचि रखते हैं। उनके व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान की अवधारणाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा तथा दुनिया में तेजी से हो रहे तकनीकी विकास को समझने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि उनका संवाद विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और शोध के प्रति रुचि को और मजबूत करेगा।

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर :
ज्ञान ज्योति के निदेशक प्रेमचंद प्रसाद ने बताया कि प्रो. सुबोर्तो के आगमन को लेकर संस्थान में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय वैज्ञानिक का घोड़ासहन जैसे ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अक्सर महानगरों और बड़े शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को देश-विदेश के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से मिलने और उनके विचार सुनने का अवसर मिलता है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए ऐसे अवसर अपेक्षाकृत कम होते हैं। ऐसे में प्रो. सुबोर्नो का घोड़ासहन आना यहां के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की नई संभावनाओं, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर पर चल रहे शोध कार्यों के बारे में करीब से जानकारी मिलेगी। साथ ही, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भविष्य में विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।

कई प्रतिष्ठित संस्थानों में देंगे व्याख्यान :
निदेशक प्रेमचंद प्रसाद के अनुसार, प्रो. सुबोर्नो भारत दौरे के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में व्याख्यान देंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 14 अगस्त को KIET दिल्ली, 16 अगस्त को ज्ञान ज्योति घोड़ासहन, 17 एवं 18 अगस्त को टेक्नो इंडिया कोलकाता, 20 अगस्त को IIT गुवाहाटी तथा 21 अगस्त को तेजपुर यूनिवर्सिटी में उनके कार्यक्रम निर्धारित हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच घोड़ासहन स्थित ज्ञान ज्योति में उनका कार्यक्रम होना क्षेत्र के लिए भी विशेष महत्व रखता है। इससे घोड़ासहन और पूर्वी चम्पारण की शैक्षणिक गतिविधियों को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

तैयारियों की हो रही समीक्षा :
कार्यक्रम को लेकर ज्ञान ज्योति परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संस्थान प्रबंधन की ओर से पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं शिक्षाविदों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों के बैठने, संवाद कार्यक्रम, व्याख्यान तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। संस्थान प्रबंधन का कहना है कि कार्यक्रम को यादगार और विद्यार्थियों के लिए अधिक से अधिक उपयोगी बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। 16 अगस्त का यह कार्यक्रम घोड़ासहन में विज्ञान के क्षेत्र में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ वैज्ञानिक के साथ सीधे संवाद और क्वांटम मैकेनिक्स जैसे आधुनिक विषय पर व्याख्यान से विद्यार्थियों को न केवल नई जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें यह समझने का अवसर भी मिलेगा कि विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर वैश्विक मंच तक किस प्रकार पहुंच बनाई जा सकती है।

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