सीतामढ़ी :- प्रमुख के औचक निरीक्षण में खुली विद्यालय की बड़ी पोल, 150 से अधिक बच्चों की फर्जी हाजिरी, एमडीएम में कीड़े और किराये के पैसों पर भी सवाल

Sep 02, 2026 - 21:58
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सीतामढ़ी :-  प्रमुख के औचक निरीक्षण में खुली विद्यालय की बड़ी पोल, 150 से अधिक बच्चों की फर्जी हाजिरी, एमडीएम में कीड़े और किराये के पैसों पर भी सवाल

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,, सीतामढ़ी ब्यूरो,,

सीतामढ़ी(चोरौत):- ग्रामीणों की शिकायत पर प्रखंड प्रमुख विभा राउत द्वारा बुधवार को मध्य विद्यालय बालक का किया गया औचक निरीक्षण कई गंभीर अनियमितताओं का किया खुलासा। जांच के दौरान बच्चों की फर्जी हाजिरी, गुणवत्ताहीन मध्याह्न भोजन, चावल में कीड़े, साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था और विद्यालय के कमरों के किराये के पैसों के उपयोग पर सवाल उठे। पूरे मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है।

प्रखंड प्रमुख के विद्यालय पहुंचते ही प्रधानाध्यापक विनोद मंडल ने फोटो खींचने और जांच करने पर आपत्ति जताते हुए ऊंचे स्वर में विरोध किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बार-बार अधिकारी जांच के लिए पहुंच जाते हैं। इसके बाद प्रमुख ने मामले की जानकारी एसडीओ गौरव कुमार को दी। एसडीओ के निर्देश पर बीडीओ अमित कुमार अमन तत्काल विद्यालय पहुंचे और विस्तृत जांच शुरू कराई।

जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा बच्चों की उपस्थिति को लेकर हुआ। अधिकारियों ने पाया कि विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति की तुलना में करीब 150 से अधिक बच्चों की हाजिरी दर्ज की गई थी। 

निरीक्षण के दौरान बच्चे अधिकारियों के सामने ही मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की शिकायत करने लगे। बच्चों ने बताया कि उन्हें परोसे गए चावल में कीड़े हैं। जांच में स्टॉक रूम में रखे चावल में भी कीड़े पाए गए। वहीं, बच्चों को परोसी गई मटर की सब्जी में जरूरत से ज्यादा पानी मिला, जिस पर बीडीओ ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक और रसोइया को कड़ी फटकार लगाई। बीडीओ ने निर्देश दिया कि चावल की अच्छी तरह सफाई के बाद ही भोजन तैयार किया जाए।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बच्चे दरी के बजाय चप्पल पहनकर फर्श पर बैठकर भोजन कर रहे थे। विद्यालय में साफ-सफाई और बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।

जांच के दौरान विद्यालय के दोनों ओर बने कमरों को किराये पर दिए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों को किराये से प्राप्त राशि के खर्च का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि किराये की राशि का उपयोग प्रधानाध्यापक द्वारा निजी खर्च में किए जाने की बात सामने आई, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

निरीक्षण में मिली सभी अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को भेज दी गई है।

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