तंबाकू, गुटखा पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से हो रही है बिक्री
जिला पदाधिकारी ने सार्वजनिक क्षेत्र में गुटखा,खैनी,पान मसाले खाकर थूंकने पर दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मोतिहारी, नरेन्द्र झा, वरीय संवाददाता
बिहार सरकार ने गुटखा की बिक्री पर पहले से ही रोक लगा रखी है,तब भी गुटखा बिक रहे थे लेकिन तब ऊंची कीमत नहीं ली जा रही थी। इधर कोरोना के कारण लाक डाउन के बाद भयंकर रूप से इन प्रतिबंध मसालों की कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। पहले जो रजनी गंधा बीस रुपए में बेची जा रही थी आज उसकी कीमत चालिस रूपए ली जा रही है।इसी लगभग सभी पान मसाले की कीमत दुगुनी बढ़ा दी गई है। वैसे तो लाक डाउन में खाद्यान्न सहित सभी जरूरी सामानों की कीमत बढ़ा दी गई है लेकिन जो सामान बेचना नही है उसे बिना किसी रोक-टोक के ऊंची कीमत में बेचना प्रशासन की नाकामी साबित कर रहा है। जिला के लगभग सभी बाजारों में ऐसा देखा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में स्थित और भी भयावह है। ढाका,पचपकड़ी , चिरैया, घोड़ासहन जैसी बाजारों में कीमतें आसमान छू रही है। गांव के अंदर की दुकानें लोक डाउन का और भी नाजायज फायदा उठा रही है। शासन प्रशासन की ओर से इसके रोकथाम को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है,फलत: मुनाफाखोर व कालाबाजारी करने वाले बेधड़क अपना काम कर रहे हैं।
बिहार में तम्बाकू या गुटखा खाकर सार्वजनिक स्थल पर किसी ने थूक फेंका तो उसे 6 महीने की जेल की सजा हो सकती है. दरअअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आईसीएमआर नई दिल्ली ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है. इसमें बताया गया है कि पान-मसाला, खैनी, जर्दा और गुटका खाकर जहां-तहां थूकने से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है. ऐसे में सार्वजानिक जगहों पर इसके उपयोग पर प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए.
बिहार में पहले से है बैन
बता दें कि बिहार में राज्य सरकार ने पहले से ही पान-मसाला में मैग्निसियम कार्बोनेट निकोटिन पाए जाने के कारण 15 ब्रांड के पान मसाला के विनिर्माण, भंडारन एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है. दरअसल, इससे कोरोना के अलावा घातक इंसेफेलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है.
इन धाराओं में होगी कार्रवाई
आईपीसी की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण या फिर नियम विरुद्ध काम करेगा, जिससे जीवन के लिए संक्रामक रोग का संक्रमण हो सकता है, तो उसे 6 महीने की जेल के अलावा 200 रुपये का जुर्माना भी लिया जा सकता है.
सरकारी कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
अब जिले के सभी सरकारी, गैरसरकारी कार्यालय एवं परिसर सभी के उपयोग को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया है. यदि कोई भी अधिकारी या फिर सम्बंधित कर्मचारी इसका उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.इन कानूनों को लागू करने या कराने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है वे स्वयं भ्रसटाचार की गंगोत्री में डूबकी लगा रहे हैं,बरना ब्लैक मार्केटियर की हिम्मत नहीं होती कि वह खुल्लेआम कानून की धज्जियां उड़ाते।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0