सीतामढ़ी :~ विवाह पंचमी समापन के बाद अपने घर जाने वाले श्रद्धालु भक्तों की स्टेशन पर उमरी भीड़, व्यवस्था में जुटे स्थानीय रेल प्रशासन
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :~ संपन्न हुई विवाहपंचमी महापर्व के बाद श्रद्धालुओं की वापसी मां जानकी की नगरी सीतामढ़ी से बड़े पैमाने पर शुरू हो रही है। विवाह पंचमी पर सीतामढ़ी पहुंचे श्रद्धालु बस, जिप, टेम्पो तथा अपनी निजी गाड़ियों के अलावा ट्रेन से वापस हो रहे है। विवाहपंचमी की समापन के बाद अपने घर.......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :~ संपन्न हुई विवाहपंचमी महापर्व के बाद श्रद्धालुओं की वापसी मां जानकी की नगरी सीतामढ़ी से बड़े पैमाने पर शुरू हो रही है। विवाह पंचमी पर सीतामढ़ी पहुंचे श्रद्धालु बस, जिप, टेम्पो तथा अपनी निजी गाड़ियों के अलावा ट्रेन से वापस हो रहे है।
विवाहपंचमी की समापन के बाद अपने घर लौट रहे श्रद्धालु भक्तों एक बड़ी जत्था रेलवे द्वारा प्रस्थान की आस में दिखेबजा रहे है। स्थानीय रेल कर्मियों के अनुसार बीते चार दिनों से देश और परदेश से ट्रेन द्वारा लाखों की संख्या में यात्री सीतामढ़ी पहुंचे है। जो भगवान श्री राम तथा माता जानकी की विवाहोत्सव में शामिल होने की बात बताई जा रही है।
शास्त्रों के अनुसार, इस विशेष तिथि पर पूजा-पाठ करने से अविवाहित कन्याओं को भी प्रभु श्रीराम और माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. चलिए जानते हैं कि विवाह पंचमी का व्रत करने से क्या लाभ होता है।
मान्यता है कि इस दिन जो कोई भी व्यक्ति मां सीता और प्रभु श्री राम का विवाह उत्सव में सम्मिलित मात्र से उसके जीवन में सुख और समृद्धि आती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम और माता सीताजी का विवाह रामायण में लंकापति रावण के अंत के लिए बढ़ाया हुआ एक पग भी है,क्योंकि रावण के अंत का सृजन सीताजी के हरण की घटना से ही प्रारंभ हो गया था।
विवाह पंचमी का महत्व-
अनेक धर्म ग्रंथो के अनुसार विवाह पंचमी के दिन न सिर्फ भगवान श्री राम और सीता का विवाह हुआ था बल्कि इसी दिन गोस्वामी तुलसी दास जी ने रामायण का अवधी संस्करण पूरा किया था।इस पर्व पर अयोध्या और नेपाल में विशेष आयोजन किया जाता है। इन जगहों पर भव्य रूप से विवाह पंचमी का उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और माता जानकी की पूजा और तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का जाप करने पर साधक को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।इस दिन शुभ योग में मांगलिक कार्यों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कँवारी कन्याओं के द्वारा इस दिन श्रीराम और सीताजी का पूजन-अनुष्ठान करने से मनचाहा वर मिलता है एवं विवाहित स्त्रियों के दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं, सौभाग्य की प्राप्ति होती है।इस दिन रामचरितमानस, रामरक्षास्रोत या सुंदरकांड का पाठ करने से घर का वास्तुदोष दूर होता है,घर में सुख-शांति रहती है।
सुलभ शौचालय की मनमानी व्यवस्था :~
विवाह पंचमी पर सीतामढ़ी पहुंचे श्रद्धालु भक्तों को सबसे ज्यादा परेशानी स्टेशन पर मौजूद पे एंड यूज सुलभ शौचालय को लेकर देखा गया। सीतामढ़ी विचरण क्षेत्र के साथ स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म सहित तीन सुलभ शौचालय मौजूदभाई। को एक स्टेशन के प्रतीक्षालय में तो दूसरा और तीसरा स्टेशन के विचरण क्षेत्र मे मौजूद है।जहां यात्रियों से स्नान करने का 40/- रुपया तो शौच जाने का कभी 20/- तो कभी 25/- रुपए की लगातार वसूली की गई, जो आज भी बदस्तूर जारी है।
क्या कहते है अधिकारी :-
इस बाबत पूछे जाने पर स्थानीय रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ठाकुर, तथा राजकीय रेल थानाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद, एएसआई दीपक कुमार ने बताया की स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियोंकी सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार दोनो प्रशासनिक विंग के सुरक्षा में लगे जवान कुछ सादी वर्दी में तो कुछ वर्दी में अपने ड्यूटी का निर्वहन कर रहे है। स्टेशन पर विद्युत, पानी, तथा सुलभ शौचालय की व्यवस्था के साथ अपराधिक तत्वों में चोर, पाकेटमार, झपट्टा गिरोह तथा उच्चके पर रेल प्रशासन की पूरी नजर है। ताकि किसी भी यात्री को कोई भी परेशानी न हो सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0