सीतामढ़ी :- कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान का संकल्प, साल भर में बनाएंगे बाल विवाह मुक्त भारत

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :- गुरुवार को बैरगनिआ प्रखंड अंतर्गत जौहरी मल उच्च विद्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी, बैरगनिया थाना से सोनम कुमारी, बाल कल्याण समिति से कमलेश कुमार एवं कर्पूरी ठाकु........

Nov 27, 2025 - 16:36
Nov 27, 2025 - 18:57
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सीतामढ़ी :- कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान का संकल्प, साल भर में बनाएंगे बाल विवाह मुक्त भारत

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)

सीतामढ़ी :- गुरुवार को बैरगनिआ प्रखंड अंतर्गत जौहरी मल उच्च विद्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी, बैरगनिया थाना से सोनम कुमारी, बाल कल्याण समिति से कमलेश कुमार एवं कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संस्थान के कार्यकर्ता मुकेश कुमार, नूतन माला, प्रिंस कुमार, मंतोष कुमार, मौजूद रहे 

 उक्त कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा की बालिकाओ के द्वारा स्वागत - गान करके किया गया एवं नुक्कड़ - नाटक के माध्यम से बाल विवाह को खत्म करने के लिए जागरुक किया गया।

पूरे देश से बाल विवाह को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से भारत सरकार की 100 दिन की विशेष कार्ययोजना से उत्साहित प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि वह बैरगनिया को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम करेंगें।

‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ जिसे बाल विवाह मुक्त भारत के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर पूरे देश में शुरू किया गया है। एक लक्षित रणनीति तय की है। इसमें स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों, उन धार्मिक स्थलों जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं। विवाह में सेवाएं देने वाले पेशेवर सेवा प्रदाताओं, और आखिर में पंचायतों व नगरपालिका वार्डों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चों के खिलाफ इस सदियों पुराने अपराध का अंत सुनिश्चित किया जा सके।  

उक्त कार्यक्रम में जौहरीमल उच्च विद्यालय की प्रधानाचार्य के साथ संस्थान के द्वारा किये गये प्रयास की सराहना की एवं हर संभव सहयोग देने की बात कही, बाल कल्याण समिति सीतामढ़ी के कमलेश कुमार ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों जिसमें शादी में आए मेहमान, कैटरर्स, टेंट वाले, बैंड वाले, सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है। 

बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान को और गति व मजबूती देने वाली सरकार की इस घोषणा का स्वागत करते हुए बैरगनिया पुलिस से सोनम कुमारी ने कहा,“यह 100 दिवसीय गहन अभियान देश की दिशा बदलने वाला साबित होगा और हमें प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य के करीब लाएगा। सदियों से हमारी बेटियों को अवसरों से वंचित किया गया है और विवाह के नाम पर उन्हें अत्याचार, शोषण और बलात्कार की ओर धकेला गया है। जन प्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और समुदायों का अभूतपूर्व तरीके से एक साथ आना, बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों को नई ऊर्जा व रफ्तार देगा। इस समन्वय और सामूहिक संकल्प से हम जिले को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रति आश्वस्त हैं और अब इस अपराध को छिपने के लिए कहीं भी जगह नहीं मिलेगी।”

इस जागरूकता अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है और इसका आखिरी चरण 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाप्त होगा। इसका पहला चरण 31 दिसंबर तक चलेगा जिसमें स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर जोर रहेगा। एक जनवरी से 31 जनवरी के बीच दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं, बैंक्वेट हाल, और बैंड वालों जैसे विवाह में सेवाएं देने वालों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। तीसरा और आखिरी चरण 8 मार्च तक चलेगा। इसमें बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों, नगरपालिका के वार्डों और समुदाय स्तरीय भागीदारी पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा।

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