सीतामढ़ी :- लहठी से मिलेट्स के आटे तक, जीविका दीदियों के हुनर से रूबरू हुए सीएम

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,, सीतामढ़ी ब्यूरो,, सीतामढ़ी :- मिथिला की पहचान वाली लहठी से लेकर ज्वार, बाजरा और रागी के आटे तक, सीतामढ़ी की जीविका दीदियों ने अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने की नई राह बनाई है। शनिवार को राघोपुर-बखरी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम के दौरान जीविका के स्टॉल पर महिलाओं की मेहनत और स्थानीय उत्पादों की झलक दिखी। मुख्यमंत्री ने स्टॉल का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के बारे में जानकारी ली।.........

Aug 09, 2026 - 15:20
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सीतामढ़ी :- लहठी से मिलेट्स के आटे तक, जीविका दीदियों के हुनर से रूबरू हुए सीएम

-- राघोपुर-बखरी में जीविका के स्टॉल का किया निरीक्षण, स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग और बिक्री की ली जानकारी

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,, सीतामढ़ी ब्यूरो,,

सीतामढ़ी :- मिथिला की पहचान वाली लहठी से लेकर ज्वार, बाजरा और रागी के आटे तक, सीतामढ़ी की जीविका दीदियों ने अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने की नई राह बनाई है। शनिवार को राघोपुर-बखरी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम के दौरान जीविका के स्टॉल पर महिलाओं की मेहनत और स्थानीय उत्पादों की झलक दिखी। मुख्यमंत्री ने स्टॉल का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

जीविका के स्टॉल पर पंथपाकर जीविका महिला किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) लिमिटेड की ओर से तैयार ज्वार, मक्का, बाजरा और रागी के आटे के साथ विभिन्न प्रकार के मसाले प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने उत्पादों को देखा और उनके उत्पादन, पैकेजिंग तथा बाजार में बिक्री की जानकारी ली।

स्टॉल पर जीविका दीदियों की ओर से तैयार लहठी, मिथिला पेंटिंग, अगरबत्ती और मैक्रम कला से बनी वस्तुएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन उत्पादों के जरिये महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर

जीविका अधिकारियों ने महिला समूहों की ओर से किए जा रहे कार्यों और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की पहल के बारे में जानकारी दी। बेहतर पैकेजिंग और बिक्री के माध्यम से उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर के बदले आय का अवसर मिल रहा है।

जीविका के स्टॉल पर सीतामढ़ी की पारंपरिक कला, स्थानीय खाद्य उत्पाद और महिलाओं की उद्यमिता एक साथ नजर आई। इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की पहल की तस्वीर सामने आई।

कार्यक्रम में जीविका, सीतामढ़ी के जिला परियोजना प्रबंधक उमा शंकर भगत सहित जिला स्तर के विभिन्न प्रबंधक और जीविका कर्मी मौजूद रहे।

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