सीतामढ़ी :- रेल टिकट में बिचौलिए की सेंधमारी, परदेशी अपने घर पहुंचेंगे अब पथ परिवहन निगम की बसों से
सागर कुमार, चम्पारण टुडे,,,सीतामढ़ी ब्यूरो,,
सीतामढ़ी :- हिंदुओं के महापर्व दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को लेकर दिल्ली, चंडीगढ़ से दशहरा, दिवाली, छठ में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों की टिकट बुकिंग एक सितंबर से खुलेगी, उक्त जमीन स्थानीय पथ परिवहन निगम के अधिकारी रामानंदन कुमार सिंह के साथ ज्ञानेंद्र कुमार ने एक खास बात चित के दौरान कही है। बिहार सरकार दिल्ली एन सी आर से सीतामढ़ी के लिए छः लगझारियस बसों को प्रतिदिन सीतामढ़ी तक चलने की कही है।
दशहरा, दिवाली और छठ पर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, चंडीगढ़, लखनऊ और कोलकाता जैसे शहरों से बिहार के पटना, दरभंगा, सीतामढ़ी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया और पूर्णिया के बसों की बुकिंग एक सितंबर से शुरू हो जाएगी।
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, पानीपत, लखनऊ, सिलीगुड़ी और कोलकाता जैसे शहरों में रह रहे प्रवासियों के लिए दशहरा, दिवाली और छठ पर्व के मौके पर बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर, गया, पूर्णिया और दरंभगा के लिए आना आसान हो जाएगी। एक सितंबर से बस सेवा की बुकिंग शुरू हो जाएगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने बताया है कि एक सितंबर से बस टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं। बस सेवा 20 सितंबर से शुरू होगी और 30 नवंबर तक चलेगी। बता दें कि 22 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहा है और 2 अक्टूबर को दशहरा है। 20 अक्टूबर को दिवाली और 28 अक्टूबर को छठ का सुबह का अर्घ्य है।
परिवहन निगम ने इसका प्रचार जोर-शोर से शुरू कर दिया है। सरकारी ज्ञापन के अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुल 12 शहरों से बिहार के छह शहरों के लिए लगभग सवा दो महीने बस सेवा चलेगी। बस टिकट की एडवांस बुकिंग एक सितंबर से चालू हो जाएगी और निगम की साइट पर टिकट खरीदे जा सकते हैं।
परिवहन निगम के मुताबिक 20 सितंबर से 30 नवंबर तक पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, गया, दरभंगा और पूर्णिया से दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, कौशांबी, गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला, चंडीगढ़, पानीपत, सिलीगुड़ी और कोलकाता के बीच हर रोज बस चलेगी। परिवहन निगम ने बताया है कि पर्व-त्योहार के मौके पर लगभग सवा दो महीने तक इन शहरों के बीच एसी और डीलक्स बसों का परिचालन होगा।
दिल्ली, यूपी, पंजाब, पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में काम की वजह से रहने वाले बिहारी प्रवासी की संख्या ज्यादा है, जो दशहरा से ही अपने घर लौटना शुरू कर देते हैं। दिवाली से छठ पर्व के दौरान यह भीड़ बेतहाशा हो जाती है। उस समय सफर के लिए ट्रेन में टिकट मिलना नामुमकिन हो जाता है। जिनके पास टिकट होते है, वो भी मुश्किलों के साथ सफर करते हैं। ऐसी हालत में बिहार आने-जाने के लिए ये बसें भीड़ का बोझ कुछ कम तो कर सकती हैं लेकिन प्रवासियों की तादाद इतनी ज्यादा होती है, इन दिनों पथ परिवहन निगम की मुश्किल थोड़ा बढ़ जाती है।
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