सीतामढ़ी :- दुकान बंद कर अपने घर जा रहे व्यवसाई के हाथ से जेवर और नगदी से भरा बैग छीनकर अपराधी हुए फरार, पुलिस जुटी जांच में
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- आठ दिन पुरे होने को हैं, लेकिन अभी तक छिंतई गिरोह के कीसी भी अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार करना तो दूर उनका पता तक नाहीं कर पाए हैं, ऐसे में पीड़ित परिवार आहत है। रोजी रोटी की व्यवस्था को छिनतई गिरोह लेकर चंपत हो गए.
क्या कहते है केश के आईओ :-
मामले को लेकर पूछे जाने पार केश के आइओ शैलेश कुमार बताते हैं की मामले की उजागर करने के लिए अभी तक उक्त एरिया का सभी सीसीटीवी कैमरा का फुटेज देखा जा रहा है. जिससे घटना मे संलिप्त अपराधी की समुचित पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन की मेहसौल ओपी टीम अभी तक केश को समझने को लेकर सीसीटीवी-सीसीटीवी कैमरा कैमरा खेल रहे हैं. इससे स्थानीय लोगो मे मेहसौल थाना और जिला पुलिस अधीक्षक के प्रति रोष बढ़ता जा रहा हैं. स्थानीय लोगो का कहना है की ठीक इस घटना के दूसरे दिन एक बड़ी घटना का अंजाम अपराधोंयो ने गण के बदौलय दरभंगा मे एक सोना चांदी व्यवसाय के दुकान पर दिया था. जिसे वहां की पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटना मे संलिप्त छ: अपराधियों को एक साथ दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर इतिहांस रचा था. लेकिन एक अप्रैल की शाम राजोपट्टी स्थित एसके ज्वेलर्स के संचालक से बाइक सवार बदमाशों ने जेवरात व नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए. जिसका अभी तक गिरफ्तार क्या उस अपराध मे जुड़े किसी भी अपराधी का पहचान तक पुलिस नहीं कर पाए हैं.
बताते चले कि सुशील सर्राफ रोज की तरह दुकान बंद कर घर जा रहे थे। इसी बीच कारगिल चौक की ओर से अपाचे बाइक पर सवार दो अज्ञात बदमाश आए और उनके हाथ से बैग छीनकर तेजी से डुमरा पुलिस मुख्यालय होते हुए भाग निकले। एक सप्ताह से अधिक होने और छिनतई मामले में संबंधित थाना द्वारा किसी भी अपराधी को अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से परेशान हाल पीड़ित सुशील कुमार ने मामले को लेकर स्थानीय डीसीपी राजीव कुमार को केस से जुड़े कागजात देकर न्याय की गुहार लगाई है।
इस दौरान घटना के वक्त दुकानदार ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बाइक से बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन साहू चौक तक पहुंचने के बाद बदमाश आंखों से ओझल हो गए. पीड़ित दुकानदार के अनुसार, बैग में सोने-चांदी के आभूषण व नकद समेत करीब 10 लाख के सामान थे. उधर पीड़ित परिवार आज भी जिला प्रशासन के तरफ टकटकी लगाकर देख रहा है, की विपरीत और विकट परिस्थिति में शायद जिला पुलिस काफ्तान कुछ कर पीड़ित परिवार को टूटने से बचा ले।
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